क्या है डीपसीक.? ओर कैसे डीपसीक ने दुनियाँ को दिखा दिया कि नवाचार ही भविष्य है...। ( प्रेरणा डायरी "करंट फ्रंट" - आंतर्राष्ट्रीय मुद्दे )

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क्या है डीपसीक..? ओर कैसे डीपसीक ने दिखा दिया कि नवप्रवर्तन ही भविष्य है..।


दोस्तों नमस्कार, प्रेरणा डायरी की एक और बेहतरीन पोस्ट में आप सभी दोस्तों का हार्दिक स्वागत है। विश्व परिवर्तनशील है और विश्व में सदैव परिवर्तन नजर आते रहते है। और ऐसा होना भी चाहिए क्योंकि "परिवर्तन ही संसार का नियम है"  इंटरनेट की दुनिया में भी बदलाव दृष्टिगोचर होते हैं। कहीं भी नए टूल्स हमें देखने को मिलते हैं। चीन के नए आई टूल्स डीप लर्निंग इन दोनों पर आधारित भूचाल

DeepSeek: सस्ते चीनी AI मॉडल ने कैसे मचाया तहलका? Chatgpt को खुली चुनौती

DeepSeek Ai : डीपसीक का प्रमुख आकर्षण इसका ओपन सोर्स होना है, जो अन्य एआई मॉडल्स की तुलना में 95 प्रतिशत सस्ता है. इसकी एक और खासियत यह है कि इसे छोटे हार्डवेयर पर भी आसानी से चलाया जा सकता है, जो इसे छोटे व्यवसायों और शोधकर्ताओं के लिए भी सुलभ बनाता है.



Deepseek Ai : 20 जनवरी 2024 को लॉन्च हुए चीन निर्मित डीपसीक एआई मॉडल के नवीनतम संस्करण आर1 ने तकनीकी दुनिया में हलचल मचा दी है. अब ओपन सोर्स और किफायती तरीके से उपलब्ध इस एआई मॉडल को लेकर निवेशकों और विशेषज्ञों में भारी उत्साह है. डीपसीक ने एआई उद्योग में नये मानक स्थापित किये हैं और यह ऐपल स्टोर में सबसे अधिक डाउनलोड किये जाने वाले ऐप्स में शामिल ह

डीपसीक का आर1 मॉडल व्यवसाय जगत के लिए भी बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है. सोमवार (27 जनवरी) को एनवीडिया जैसी चिप निर्माण दिग्गज कंपनी को लगभग 600 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जिससे अमेरिकी शेयर बाजार में भारी गिरावट आई. यह घटना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि अमेरिका ने चीन को उन्नत चिप्स की आपूर्ति पर कई प्रतिबंध लगाये हैं.

सस्ता और प्रभावी : डीपसीक का ओपन सोर्स मॉडल


डीपसीक का प्रमुख आकर्षण इसका ओपन सोर्स होना है, जो अन्य एआई मॉडल्स की तुलना में 95 प्रतिशत सस्ता है. इसकी एक और खासियत यह है कि इसे छोटे हार्डवेयर पर भी आसानी से चलाया जा सकता है, जो इसे छोटे व्यवसायों और शोधकर्ताओं के लिए भी सुलभ बनाता है. एपीआई की कीमत सिर्फ 0.55 डॉलर प्रति मिलियन टोकन है, जो ओपन एआई के मुकाबले बहुत कम है.

चीन के तकनीकी वर्चस्व को बढ़ावा

डीपसीक की सफलता ने चीन के तकनीकी क्षेत्र को मजबूती दी है और इससे अमेरिका की एआई प्रौद्योगिकियों पर निर्भरता को चुनौती मिली है. यह मॉडल अमेरिकी चिप निर्माताओं और एआई कंपनियों के लिए एक गंभीर चुनौती साबित हो सकता है, क्योंकि इसका प्रशिक्षण कम लागत पर संभव है और यह उच्च गुणवत्ता वाले परिणाम प्रदान करता है.

निवेशकों के लिए नई संभावना

वर्तमान में, डीपसीक एक निजी स्वामित्व वाली कंपनी है, जिससे यह आम निवेशकों के लिए उपलब्ध नहीं है. लेकिन चीन सरकार की ओर से इसे मिले समर्थन और डीपसीक के द्वारा प्रदान की गई किफायती तकनीक को देखते हुए, यह भविष्य में अन्य देशों के उद्यमियों के लिए भी एक नयी उम्मीद बन सकता है.

क्या डीपसीक अमेरिका के लिए खतरा बनेगा?

डीपसीक की सफलता ने तकनीकी दुनिया में नये सवाल खड़े किए हैं, खासकर उन प्रतिबंधों के संदर्भ में जो अमेरिका ने चीन के खिलाफ लागू किये हैं. क्या यह कम लागत वाला एआई मॉडल, जो आसानी से उपलब्ध है, एआई उद्योग के परंपरागत खिलाड़ियों के लिए खतरा बनेगा? यह सवाल भविष्य में एआई के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन सकता है.






 निर्माण लगभग 2 साल पहले 'ऑन होम' नाम की अमेरिकी कंपनी से आया था। ओपन स्टूडियो की अकल्पनीय कृतियों से लॉन्च की गई चैट स्नैपटी के माध्यम से दुनिया को चौंका दिया गया था। डिपासिक ने भी "आर -1" सेक्रवेटिव आई चैट बॉक्स लॉन्च किया है जिसमें चैट गुप्ता से भी बेहतर बताया जा रहा है हालांकि पिछले 2 वर्षों में सैकडो आर्टिस्टिव का एक मॉडल विकसित हुआ है इसलिए डीप सी के रूप में एक और शक्तिशाली चैट बॉक्स का आना रिलीज है कोई आकाश आकाश जैसी बात नहीं होनी चाहिए। फिर ऐसा हुआ कि पिछले 27 जनवरी को अमेरिकी शेयर बाजार में गिरावट आई और न्यूजीलैंड के इतिहास में पहली बार किसी कंपनी का बाजार मूल्य एक ही दिन में 500 अरब डॉलर गिर गया। अमेरिका की बड़ी टेक्निकल कंपनी को करीब एक ट्रिलियन डॉलर का झटका लगा।
 मेरा कहना है कि 2023 में स्थापित चीन के आई मॉडल को लगभग 56 मिलियन डॉलर की लागत से विकसित किया गया है, जबकि वह उसी स्तर पर प्रयास कर रही है, जिसमें शहरी डॉलर के निवेश के लिए खुली जगह हासिल करना शामिल है। अन्य अभ्यारण्यों के शरण में जाने के लिए एक समय-समय पर धन सुरक्षित खोलें, Google ने भी अपने जेमिनी आई पर शहरी डॉलर खर्च किए हैं लेकिन लेकी डेपासिक पर बहुत कम धन खर्च हुआ है। यह इवेंट टेक्नोलॉजी के प्रमुख दिग्गजों की ओर से ओरिजिनेशन कर रही है। यह इवेंट आई के क्षेत्र में स्थित कैथेड्रल शो की ओर से भी संकेत देता है और परिणाम विश्व राजनीति के लक्ष्यों से भी जुड़ता है। और हाँ, इसमें भारत जैसे देशों के लिए भी पाठ और सूत्र सूत्र हैं। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दिग्गज डी.पी.सी. इस अभिनेत्री से भी जुड़ी है डीप सिख एरिया के विकास आई के विकास में सिद्धांत सिद्धांत वाले बौद्ध दर्शनों को चुनौती दी जा रही है। याद है कि जून 2023 में ओपन ए के सीईओ ने भारत के दौरे पर तकनीकी विशेषज्ञ राजन आनंदन से आपसे एक सवाल किया था कि जो आपसे बहुत महत्वपूर्ण हुआ था, राजा ने पूछा था कि भारत का कोई निष्कर्ष क्या है? , एक करोड़ डॉलर सीमित नकदी के रूप में इसे खोलें जैसा कि फाउंडेशन मॉडल विकसित किया गया है..? श्रमिक प्रबंधक ने जवाब दिया कि भारत के लिए ओपन ए के साथ पूरी तरह से निराशाजनक बात होगी (कोई उम्मीद नहीं) अपने अनुभव के दावे से अंतिम ठीक ही जवाब दिया ऐसा इसलिए होगा क्योंकि अब तक यही सोचा जा रहा है कि प्रोजेक्ट आई के फाउंडेशन मार स्टूडियो का विकास और वह खरगोन डॉलर की मांग करेगा। उसके लिए फ़्रांसीसी रूप से सुपरमार्केट और बेहद शक्तिशाली कैथोलिक कंप्यूटर पावर और अथाह डेटा चाहिए। डीप लर्निंग इसे बदल दिया गया है। राजन ने तो एक करोड़ डॉलर की थी लेकिन गहरी सीख तो वही काम सिर्फ 56 लाख की लागत में कर दिया है। स्पष्ट रूप से यह है कि न सिर्फ ए बैचलर बल्कि राजनेता, प्रौद्योगिकी दिग्गज और बाजार भी हो सकता है। तकनीकी जगत में यह भी माना जा रहा है कि चीनी दीप सिखों में प्रयुक्त दस्तावेज़ को दस्तावेज़ी कार्य द्वारा दर्शाया गया है
 एलन एलन मस्क को भी ऐसा ही लगता है। यह भी असमंजस की बात है कि इस फिल्म में गैर कानूनी फिल्म से डेटा, दौलत, दौलत और जी हासिल हो गया लेकिन दीप्सी की हकीकत एक तथ्य है। दीपसी के मुद्दे पर हम अपनी चर्चा को आगे बढ़े इससे पहले लिए मैं आपको दीप सिंह की परिभाषा और कुछ मूलभूत बातों को बता दिए देता हूं --

Deepseek का मतलब?

डीपसीक का लोगो कंपनी की कोर वैल्यू और मिशन के बारे में बताता है. इसमें डीप के मतलब के बारे में बताएं तो डीप का मतलब रिसर्च, इनोवेशन और बेहतर अंडरस्टैंडिंग से है. इसमें ‘मुश्किल से मुश्किल’ क्वेरी का जवाब देना है.
डीपसीक में सीक का मतलब नॉलेज, डिस्कवरी और लगातार अपडेट के लिए है. ये कटिंग-एज सॉल्यूशन के लिए कंपनी की कमिटमेंट को दिखाता है.
विजुअल डिजाइन की तरफ ध्यान दें तो डीपसीक लोगो के डिजाइन में लहरें और परतें नजर आ रही हैं. ये एक्सप्लोरेशन प्रोग्रेस और इनोवेशन के सफर का प्रतीक है. डीपसीक लोगो नॉलेज-ड्राइवन आइडेंडिटी को दिखाता है.
ब्लू शेड्स ट्रस्ट, इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी को दिखाती हैं. क्रिएटिविटी और पावर को दिखाने के लिए इसमें वाइब्रेंट कलर्स यूज किए गए हैं.

क्या है डीपसीक?

DeepSeek-V3 मॉडल एक एडवांस्ड ओपन-सोर्स AI सिस्टम है. ये कुछ ही समय में कई देशों में पॉपुलर हो गया है. यूएस, यूके और चीन में इस चैटबॉट का जलवा नजर आ रहा है.

DeepSeek को किसने बनाया?

Liang Wenfeng डीपसीक को बनाया है. इन्होंने अमेरिका को एआई वर्ल्ड में करारा जवाब दिया है. चैटजीपीटी के टक्कर में अपना चैटबॉट लाकर मार्केट में अवेलेबल सभी एआई कंपनियों के छक्के छुड़ा दिए हैं. वैसे यहां तक का सफर काफी दिलचस्प रहा है.


क्या ए की दौड़ में चीन, अमेरिका से आगे निकल रहा है..? यह सवाल यकायक हमारे सामने आकर खड़ा हो गया है चीन 2030 तक आई कि विश्व शक्ति बनने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। दीप सिंह आई के क्षेत्र में उसकी यह अकेली बड़ी चलांग नहीं ह। "डीपसीक आर 1" फर्स्ट के लांच होने के 3 दिन बाद ही चीनी कंपनी अली बाबा ने दावा किया है कि उसके 'क़ुवेन 2.5' नामक मॉडल ने दीपसी के सबसे उन्नत मॉडल को भी पीछे छोड़ दिया है…। इससे पहले बाइदु कंपनी ने भी "अर्निंबाट" के जरिए पश्चिमी कंपनियों को चुनौती दी थी
 ए के क्षेत्र में पेटेंट किए जाने वाले मामले में चीन के नंबर पर पहले नंबर पर है इसके पेटेंट की संख्या अमेरिका की तुलना में 6 गुना ज्यादा है। वो के अनुसार 2023 तक चीन में 38210 पेटेंट दर्ज किए गए। जबकि अमेरिका में यह संख्या मात्र ₹6276 रही। अभी यह कहना तो जल्दबाजी होगी कि चीन आई की दौड़ में अमेरिका से आगे निकल रहा है लेकिन मौजूदा स्थिति को देखें तो वह बराबर का टक्कर दे रहा है। यह तब हो रहा है जब अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी चिताओं से चीन को अत्यधिक ए सीपीयू, अनवीडिया h100 और ए 100 के निर्यात पर प्रतिबंध लगा रखा है। हालांकि माना जाता है कि चीनी कंपनियां इसको दूसरे रास्तों से हासिल कर रही है।
 दीपशिखा औषधि है कि उसने और वीडियो में 800 जैसी कम शक्तिशाली संपत्तियों का उपयोग किया है, जिससे कम संसाधनों में बेहतर परिणाम हासिल हुए हैं। चीन के विकास की खास बात यह है कि वह कम लागत में अच्छा उत्पादन प्रोड्यूस कर रहा है। यह चीनी अर्थव्यवस्था की एक शक्ति है। दीप सीखने अपने प्रणाम केवल 27.8 लाख सीपीयू घंटे की ट्रेनिंग में प्राप्त कर लिए जबकि मेहता को इसी स्तर तक पहुंचने में 3.08 करोड़ जीपीयू घंटे लगे। दीप सीखने ब्रांड स्पेक्ट्रम मॉडल के बजाय विशिष्ट क्षेत्रों जैसे चिकित्सा वित्त और कानूनी सेवाओं पर केंद्रित मॉडल को विकसित करने को प्राथमिकता दी जिससे इन क्षेत्रों में उनके परिणाम अधिक प्रभावी साबित हो रहे हैं। पश्चिमी देशों की आई कंपनियां भी प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए अपनी रणनीतियों में तेजी से बदलाव करेगी। दीपशिक अलीबाबा और भाई दूज जैसी कंपनियों की सफलता भारत जैसे देशों को संदेश देती है कि नवाचार ही भविष्य है।. यदि ठान लिया जाए तो आई में कामयाबी पाना संभव नहीं आखिर वैश्विक आई को आकार देने में भारतीय उद्यमियों और पेसेवारो वालों की महत्वपूर्ण भूमिका पहले से ही मौजूद है।

 

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