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खुशी और उपहारों की भावनाओ से जुड़ा है - क्रिसमस। लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

खुशी और उपहार कि भावनाओ से जुड़ा है -- क्रिसमस।

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प्रेरणा डायरी (prerndayari.com) टुडावाली, टोडाभीम, राजस्थान - 321610    टेबल ऑफ़ कंटेंट /आज की पोस्ट में 1. भूमिका 2. सैटा-क्लाज की कहानी बड़ी दिलचस्प है..! 2. जब आप कुछ ना कह सके, तो उपहार दें।  3. क्रिसमस पर उपहार देने की परंपरा। 4. 25 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है क्रिसमस.? 5. क्रिसमस और बच्चों की चिट्ठियां। 6. क्या सच में आते हैं...सैटा-क्लाज। 7. खत लिखकर सिखाया सिष्ठचार। 8. इस तरह बनी आधुनिक सांता क्लास की छवि। 9. खुद बनायें प्यारा सा गिफ्ट..। 10.परिवार में बढ़ता है प्रेम।  11. इसलिए कहते हैं- "मैरी क्रिसमस"  12. महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर।  भूमिका - उपहार देना हमारी संस्कृति में गहराई से समाया हुआ है। भारतीय और दुनिया की कई अन्य संबद्ध सब्याताओं में उपहार देना एक गौरवशाली परंपरा थी।  त्यौहार, जन्मदिन, विवाह, कोई भी पारिवारिक शुभ कार्य, हवन पूजा आदि के समय या खुशियों के विभिन्न उत्सवों पर उपहार देने की परंपरा चली आ रही है। उपहार देना सम्मान को भी प्रदर्शित करता है, और प्रेम को भी..।  असल में उपहारों के माध्यम से हमारा आपसी प्रेम बढ़ता है।...