बच्चों के साथ दोस्तों की तरह न रहे : साइना नेहवाल की पेरेंट्स को नसीहत।
‘बच्चों से दोस्तों की तरह न रहें..’, भारतीय पैरेंट्स को साइना नेहवाल ने दी नसीहत बैडमिंटन स्टार साइना नेहवाल ने हाल ही में पेरेंटिंग पर एक बयान दिया, जिसके खूब चर्चा हो रही है. उनका कहना है कि बच्चों की सफलता के लिए अनुशासन और सख्ती जरूरी है. जानिए सायना के विचार और एक्सपर्ट साइकेट्रिस्ट डॉ. पवित्रा शंकर की राय कि परवरिश में 'दोस्ती' और 'कंट्रोल' के बीच सही बैलेंस कैसे बनाए समय के साथ परवरिश बदलनी चाहिये बच्चों की परवरिश हमेशा से माता-पिता के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी रही है. हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा न सिर्फ पढ़ाई और करियर में आगे बढ़े, बल्कि एक अच्छा इंसान भी बने. इसी वजह से परवरिश को लेकर अलग-अलग सोच देखने को मिलती है. कुछ माता-पिता बच्चों के साथ दोस्तों की तरह रहना पसंद करते हैं, ताकि वे खुलकर अपनी बात कह सकें. वहीं कुछ लोग मानते हैं कि बच्चों को सही रास्ते पर रखने के लिए थोड़ी सख्ती जरूरी होती है. आज के समय में यह बहस और भी ज्यादा तेज हो गई है. मोबाइल, सोशल मीडिया और बदलते लाइफस्टाइल के बीच बच्चों को अनुशासन सिखाना आसान नहीं रहा. कई पैरेंट्स सो...