"मनी-मन्त्र" - (निवेशकों की फाइनेंस/वित्त/निवेश एवं व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़े अहम् सवालों के जवाब )
" मनी-मन्त्र"
निवेशकों की फाइनेंस/वित्त/निवेश एवं व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़े अहम् सवालों के जवाब..।
By -- Kedar Lal
Business
“मनी-मंत्र” ( निवेशकों की आर्थिक/वित्त/निवेश एवं व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़े अहम् सवालों के जवाब..।
सवाल आपके.. जवाब हमारे…..।
Question 1. मैं एक छोटा व्यापारी हूँ, निवेश के साथ टैक्स की बचत भी करना चाहता हूं। कहां निवेश करूं जिसमें जोखिम भी नहीं उठाना पड़े, फण्ड भी सुरक्षित रहे और अच्छा रिटर्न भी प्राप्त हो..? –
नरेन्द्र शर्मा, जयपुर
उत्तर —प्रेरणा डायरी ब्लॉग से — आपकी समस्या के समाधान के रूप में मैं आपके सुझाव देना चाहता हूं कि आप पीपीएफ ( पब्लिक प्रोविडेंट फंड) मैं निवेश करें। पीएफ एक दीर्घकालिक और सुरक्षित निवेश योजना है जिसे भारत सरकार द्वारा पूर्व सहित किया जाता है यह खास तौर पर उन लोगों के लिए आदर्श है जो जोखिम से बचते हुए गारंटीड और टैक्स फ्री रिटर्न पाना चाहते हैं। आपको भी ऐसी ही योजना की तलाश है अतः आप पीएफ में निवेश करें आपकी समस्या का काफी हद तक समाधान हो जाएगा। पीएफ निवेश के फायदे क्या-क्या है लिए मैं आपको बताता हूं —
1. यह सुरक्षित और सरकारी योजना है : पीएफ पूरी तरह से सरकार द्वारा समर्थित स्कीम है, ऐसी योजना में खतरा होने की संभावना बहुत कम होती है और अगर कोई जोखिम होता है तो उसकी भरपाई सरकार के द्वारा की जाती है इसलिए इसे एक बेहतरीन निवेश योजना मान सकते हैं।
2. अच्छा ब्याज और कंपाउंडिंग का फायदा : पीएफ में ब्याज काफी अच्छा मिलता है साथी न और भी कई फायदे हैं वर्तमान में 7.1% सालाना चक्रवर्ती ब्याज जो हर तिमाही रिवाइज होता है।
3. कम निवेश बडा रिटर्न : पीएफ में आप कम निवेश करके बाद रिटर्न हासिल कर सकते हैं रोजाना ₹70 जमा करने पर सालाना 25200 बनता है 15 साल में 6.83 लाख रुपए के लगभग होते हैं।
4. टैक्स लाभ : आपने बताया कि आप ऐसा निवेश करना चाहते हैं जिससे टैक्स लाभ भी प्राप्त हो तो पीएफ से आपको टैक्स लाभ भी प्राप्त होता है आयकर अधिनियम की धारा 80c के तहत 1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स छूट है। ब्याज और मेच्योरिटी अमाउंट भी टैक्स फ्री होता है।
5. पैसे की निकासी सुविधा : 7 साल बाद आंशिक निकासी कर सकते हैं चिकित्सा या उच्च शिक्षा के लिए खाता बंद करना संभव है।
6. लचीलापन : साल में एक बार न्यूनतम ₹500 और अधिकतम 1.5 लख रुपए तक निवेश कर सकते हैं
7. मजबूत वित्तीय सुरक्षा : पीएफ खाता पोस्ट ऑफिस या अधिकतर सरकारी प्राइवेट बैंकों में खोला जा सकता है यह एक मजबूत वित्तीय सुरक्षा कवच बन सकता है।
क्वेश्चन 2. मैं करौली जिले की अध्यापिका के केशू पोसवाल हूं, मैं एक कर खरीदना चाहती हूं और आपसे यह जानना चाहती हूं कि मुझे फोर व्हीलर केस में लेनी चाहिए या लोन पर..?
उत्तर — बहुत से लोग सोचते हैं कि कर खरीदते समय कैश पेमेंट करना सबसे अच्छा विकल्प है, लेकिन असल में लोन लेकर कर खरीदना कई मामलों में अधिक फायदेमंद साबित हो सकता है। वो कैसे..? आइये मैं आपको जानकारी देता हूं –
1. लोन पर कर लेने से कैश फ्लो बना रहता है : केस में कर लेते हैं तो लिक्विडिटी प्रभावित हो सकती है लोन लेने पर हर महीने एमी भरकर बाकी पैसा निवेश या इमरजेंसी के लिए बचा सकते हैं।
2. टैक्स में मिल सकता है लाभ : यदि कर को व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए उपयोग करते हैं तो कर लोन की ईएमआई का ब्याज हिस्सा टैक्स डिडक्शन में क्लेम किया जा सकता है जिससे टैक्स देनदारी काम हो सकती है।
3. इंश्योरेंस और एक्स्ट्रा बेनिफिट : बैंक या एनबीएफसी से लोन लेने पर कई बार फ्री इंश्योरेंस रोड साइड एक्सीडेंट या एक्सीडेंट वारंटी जैसी लाभ भी मिलते हैं जो कैश पेमेंट करने पर नहीं मिलते।
4. क्रेडिट स्कोर होता है मजबूत : समय पर ईएमआई चुकाने से आपका सिविल या क्रेडिट स्कोर बेहतर होता है जिससे भविष्य में होम लोन लेना या पर्सनल लोन लेना आसान हो जाता है और आपको मजबूत क्रेडिट स्कोर के आधार पर कई अन्य लाभ प्राप्त होते हैं।
5. छूट और ऑफर : तिवारी सीजन या ऑफर्स के दौरान कर लोन पर बैंक और डीलर से दोनों की ओर से छूट कम ब्याज दर और कैशबैक दिए जाते हैं जिससे लोन लेना और भी फायदेमंद हो जाता है।
6. ध्यान रखें —
— कार लोन लेने से पहले ब्याज दरों की तुलना कर लें।
— इस बात का ध्यान रखें कि डाउन पेमेंट अधिक होगा तो EMI कम होगी
— यह भी ध्यान रखें की ईएमआई आपकी इनकम का 40% से ज्यादा ना हो।
— ध्यान रखें कि समय पर भुगतान करें अन्यथा आपके ऊपर पेनाल्टी का खतरा बना रहेगा।
क्वेश्चन 3. आधार कार्ड एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, मुझे ऐसा लगता है कि मेरे आधार कार्ड का किसी ने मिस यूज़ किया है। क्या यह जानने का कोई तरीका है जिसमें यह पता चल सके कि मेरा आधार कार्ड कहां कहां इस्तेमाल हुआ है..? — Manoj gupta, bharatpur
उत्तर ( आर्थिक फंडा ब्लॉग से ) — आपका आधार नंबर कब, कहां और किसने इस्तेमाल किया.? आप फिक्र ना करें, इस बात को जानना अब बेहद आसान हो गया है। UIDAI यह सुविधा देता है कि आप अपने आधार नंबर का पूरा ऑथेंटिकेशन इतिहास जान सकें। इसका पता लगाने के लिए uidai.gov.in पर जाकर आधार नंबर कैप्चा और ओटीपी डालकर लॉगिन करें इसके बाद आधार ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री विकल्प चुने। कब से कब तक की हिस्ट्री देखनी है उसकी तारीख डालकर फेच ऑथेंटिकेशन हिस्ट्री पर क्लिक करें यहां 6 महीने तक का डाटा देख सकते हैं जब आपको तारीख समय और किस सेवा के लिए आधार का उपयोग हुआ यह जानकारी मिल जाएगी अगर कुछ संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत यूआईडीएआई के टोल फ्री नंबर 1947 पर संपर्क करें। आधार को लॉक करने और अनलॉक करने की सुविधा का भी उपयोग कर सकते हैं। अगर कोई खतरनाक गतिविधि हुई हो, तो पुलिस या साइबर सेल सेवा में शिकायत दर्ज काराये।
Question 4. मेरा नाम दीपक गुप्ता है। मैं अपनी बेटी के लिए एक मुस्त 50000 ₹ को 15 20 साल के लिए निवेश करना चाहता हूं. कृपया मुझे बताइए कि मैं इन पैसों को कहां लगाऊं..? किसी बैंक में.? एफडी मे.? सरकारी योजना, म्युचुअल फंड, या इक्विटी आदि में से कहां लगाना चाहिए..?
उत्तर — सबसे पहले तो मैं आपकी इस बात के लिए तारीफ करना चाहता हूं कि आपने अपनी बेटी की भविष्य की चिंता की है। लेकिन इसके लिए आप चिंता ने करके एक सही इन्वेस्टमेंट प्लान को अपनाइए। अगर मैं एक अच्छा सरकारी निवेश आपको बताना चाहूंगा तू वह है ” सुकन्या समृद्धि योजना” जिसमें बेटी का भविष्य सुरक्षित करने की क्षमता है। यह केंद्र सरकार द्वारा संचालित एक पोस्ट ऑफिस योजना है और बेटियों के लिए निवेश की दृष्टि से बेहतरीन सरकारी योजना है! आप चाहे तो सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर सकते हैं। इस योजना में 8 पॉइंट 2% की दर से ब्याज धारा 80c के तहत टैक्स लाभ और टैक्स फ्री मैच्योरिटी इसे बांड या एफडी जैसी योजनाओ बेहतर बनाती है। सरकारी योजनाओं में ब्याज की दृष्टि से यह सबसे बेहतरीन योजना है। आप चाहे तो विभिन्न बैंकों में चलने वाली “बाल बचत योजना” बाल बचत योजना में भी इन्वेस्ट कर सकते हैं। किसी बैंक या बीमा कंपनी की “गारंटीड रिटर्न” स्कीम का लाभ उठा सकते हैं।
बेटी के भविष्य के लिए निवेश करना एक बहुत अच्छा फैसला है। आपके पास 15-20 साल का लंबा समय है, इसलिए आप जोखिम भरे निवेश विकल्पों पर विचार कर सकते हैं जो अधिक रिटर्न दे सकते हैं। यहाँ कुछ विकल्प हैं जिन पर आप विचार कर सकते हैं:
1. *पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)*: यह एक सरकारी योजना है जो 15 साल की अवधि के लिए निवेश करने की अनुमति देती है। यह एक सुरक्षित और कर-मुक्त निवेश विकल्प है, लेकिन रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है।
2. *नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)*: यह एक सरकारी योजना है जो 15 साल की अवधि के लिए निवेश करने की अनुमति देती है। यह एक सुरक्षित और कर-मुक्त निवेश विकल्प है, लेकिन रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है।
3. *म्यूचुअल फंड*: म्यूचुअल फंड में निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन यह जोखिम भरा हो सकता है। आप अपने जोखिम के अनुसार म्यूचुअल फंड का चयन कर सकते हैं।
4. *एचडी इंश्योरेंस*: एचडी इंश्योरेंस में निवेश करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन यह जोखिम भरा हो सकता है। आप अपने जोखिम के अनुसार एचडी इंश्योरेंस का चयन कर सकते हैं।
5. *फिक्स्ड डिपॉजिट (FD)*: फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करना एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है, लेकिन रिटर्न थोड़ा कम हो सकता है।आपको अपनी बेटी के भविष्य के लिए निवेश करने के लिए एक अच्छा विकल्प चुनना होगा। आप अपने वित्तीय सलाहकार से बात कर सकते हैं और अपनी जरूरतों के अनुसार निवेश विकल्प का चयन कर सकते हैं।
Question 5. मेरा नाम विनोद सिंह है। मैं गुना शहर का रहने वाला हूं। मेरा आइसीआइसीआइ बैंक में खाता है, जो 10 12 साल से बंद है. लेकिन उसमें ₹55000 हैं. बैंक ने उस खाते को सीज कर दिया है। अनफ्रीज और चालू करवाने के लिए मैंने कई आवेदन दे दिए हैं लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ, मैं जानना चाहता हूं कि अब मुझे क्या करना चाहिए..?
उत्तर — आप अपनी बैंक ब्रांच मैं जाएं और अपने निष्क्रिय खाते को एक्टिव करवा सकते हैं और केवाईसी अपडेट कर सकते हैं। आजकल खातों की केवाईसी अपडेट करवाना काफी जरूरी होता है। आप अपनी निष्क्रिय खाते को एक्टिव करवा सकते हैं और केवाईसी अपडेट कर सकते हैं इसके लिए आपको अपने खाते वाले बैंक में भी जाने की जरूरत नहीं होती है।. आप सबसे पहले यूडीजीएएम पोर्टल ( https://udgam.rbi.org.in/ ) पर जाकर अपना खाता खोजें इस पोर्टल पर 30 बैंकों की जानकारी उपलब्ध है पहचान सत्यापित करने के लिए पेन वोटर आईडी आदि जरूरी होगी होते हैं। फिर किसी भी शाखा में जाकर केवाईसी दस्तावेजों के साथ अनुरोध फॉर्म जमा करें यदि बैंक उच्च समय में कार्रवाई नहीं करता है तो बैंक के शिकायत निवारण अधिकारी के पास लिखित शिकायत दर्ज कारण। अब जैसा कि आपने बताया कि आपका फिर समय से समस्या का सामना कर रहे हैं और कोई समाधान नहीं हो रहा है अगर इतना करने के बाद भी समस्या सॉल्व नहीं होती है तो आप आरबीआई की कस पोर्टल के जरिए बैंकिंग लोकपाल के पास शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
Question 6. मेरा आइसीआइसीआइ बैंक में खाता है, जो 10-12 साल से बंद है। उसमें ₹55000 हैं। बैंक ने इस सीज कर दिया है। इसे अनफ्रीज करने के लिए मैंने कई आवेदन कर दिए पर कोई फायदा नहीं हुआ। अब मुझे क्या करना चाहिए कृपया उचित सुझाव दें..? — विनोद कुमार सिंह, गुना, मध्य प्रदेश।
उत्तर – आप किसी भी बैंक ब्रांच, होम ब्रांच होना जरूरी नहीं, मैं जाकर अपने निष्क्रिय खाते को एक्टिव करवा सकते हैं और केवाईसी अपडेट कर सकते हैं इसके लिए आपको खाता खोलने वाली मूल शाखा में जाने की जरूरत नहीं है सबसे पहले यूडीजीएएस पोर्टल ( https://udgam.rbi.org.in/) पर जाकर अपना खाता खोजें इस पोर्टल पर 30 बैंकों की जानकारी उपलब्ध है पहचान सत्यापित करने के लिए पैन कार्ड, वोटर आईडी आदि जरूरी होंगे। फिर किसी भी शाखा में जाकर केवाईसी दस्तावेजों के साथ अनुरोध फॉर्म जमा करें यदि बैंक उचित समय में कार्रवाई नहीं करता है तो बैंक के शिकायत निवारण अधिकारी के पास लिखित शिकायत दर्ज कराये। यदि यहां भी समस्या का समाधान नहीं होता है तो आप आरबीआई लोकपाल के पास भी शिकायत दर्ज कर सकते है।
Question 7. एक युवा एंटरप्रेन्योर के लिए सबसे बड़ी वित्तीय समस्या क्या होती है..?
उत्तर – हमारे देश इंडिया में में अधिकांश Entrepreneurs की सबसे बड़ी वित्तीय समस्या Capital Shortage (पूंजी की कमी) होती है। हमारे यहां मेहनती और इंटेलिजेंट यूथ काफी मिल जाएंगे, पर स्टार्टअप शुरू करने के लिए पूंजी,आइडिया और मेहनत कि जरुरत होती है, लेकिन शुरुआती फंड की कमी उन्हें पीछे धकेल देती है। बैंक बिना Collateral (गिरवी) के लोन नहीं देते और Venture Capital हर बिजनेस को नहीं मिलता।
जैसे इस उदाहरण की माध्यम से इस बात को समझते उदाहरण:मान लीजिए एक युवा ने Digital Marketing Agency शुरू करने की योजना बनाई। उसे Laptop, Software Tools, Office Space और Marketing के लिए कम से कम ₹5–6 लाख चाहिए। लेकिन Savings कम होने और बैंक लोन न मिलने के कारण बिजनेस शुरू ही नहीं हो पाता।इस समस्या का समाधान Government Schemes जैसे Startup India, Mudra Loan, Stand-Up India हैं, लेकिन सही जानकारी न होने से युवा इनका लाभ नहीं उठा पाते।इसलिए Financial Literacy और सही Planning हर Entrepreneur के लिए जरूरी है।
Question 8. भारतीय उद्यमियों के सामने कई समस्याएं हैं, जिनमें से एक प्रमुख समस्या है कैश फ्लो मैनेजमेंट की, कैश फ्लो मैनेजमेंट भारतीय उद्यमियों के लिए एक चुनौती क्यों बना हुआ है.?
उत्तर — Cash Flow Management का अर्थ है बिजनेस में पैसे का सही समय पर आना और जाना। अर्थात एक तरह से पैसे का उचित तरीके से बहन ा। भारत में कई Entrepreneurs Profit होने के बावजूद Cash Flow की कमी से बिजनेस बंद कर देते हैं।
जैसे उदाहरण – :एक Garment Manufacturer को बड़ा Order मिला, लेकिन ग्राहक 90 दिन बाद Payment देगा। इस बीच कच्चा माल, मजदूरी और बिजली बिल का भुगतान तुरंत करना है। Cash Flow न होने से बिजनेस फंस जाता है।युवाओं को समझना चाहिए कि Profit ≠ Cash Flow। समय पर Payment Collection, Emergency Fund और Credit Cycle की समझ बहुत जरूरी है। Accounting Software जैसे Tally, Zoho Books इसमें मदद कर सकते हैं।
Question 9. क्या कारण है कि भारतीय युवा एंटरप्रेन्योर को बैंकों से ले लोन लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है..?
उत्तर — बैंक लोन मिलने में भारतीय Entrepreneurs को दिक्कत क्यों आती है..? भारत में बैंक लोन सिस्टम अभी भी काफी Risk-Averse है। बैंक नए बिजनेस को High Risk मानते हैं और Collateral, CIBIL Score और Income Proof मांगते हैं। उदाहरण:एक युवा ने Food Truck शुरू करना चाहा, लेकिन उसके पास जमीन या प्रॉपर्टी गिरवी रखने के लिए नहीं थी। बैंक ने लोन रिजेक्ट कर दिया।हालांकि सरकार ने Mudra Loan (Shishu, Kishor, Tarun) जैसी योजनाएं शुरू की हैं, लेकिन Documentation और Awareness की कमी बड़ी बाधा है।Entrepreneurs को Business Plan, Cash Flow Statement और GST रिकॉर्ड मजबूत रखना चाहिए।
10 टैक्स और GST भारतीय उद्यमियों के लिए समस्या क्यों बनते हैं?Tax Compliance और GST Filing भारत में छोटे Entrepreneurs के लिए जटिल है। नियम बार-बार बदलते हैं, जिससे Confusion बढ़ता है।उदाहरण:एक छोटे Online Seller को हर महीने GST Return भरना होता है। गलत Filing पर Penalty लग जाती है, जिससे Profit घट जाता है।Tax Knowledge की कमी के कारण कई युवा या तो ज्यादा टैक्स भर देते हैं या गलती कर बैठते हैं।Solution है – Professional Accountant, सही Software और Tax Planning। सही टैक्स मैनेजमेंट बिजनेस को Financially Stable बनाता है।
11. गलत फाइनेंशियल प्लानिंग से बिजनेस क्यों फेल हो जाता है?
बिना Budget और Forecast के बिजनेस चलाना सबसे बड़ी गलती है। कई युवा Emotional Decisions लेते हैं, Financial नहीं।उदाहरण:एक Startup Founder ने Marketing पर जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च कर दिया, लेकिन Revenue Generate नहीं हुआ। कुछ महीनों में पैसा खत्म हो गया।Financial Planning में Budgeting, Expense Control, Emergency Fund बहुत जरूरी है। हर Entrepreneur को कम से कम 6 महीने का खर्च बचाकर रखना चाहिए।
12. निवेशकों (Investors) को आकर्षित करना कठिन क्यों होता है?
Investors सिर्फ Idea नहीं, Scalability, Revenue Model और Financial Discipline देखते हैं।उदाहरण:दो App Startups हैं – एक के पास Users हैं लेकिन Revenue नहीं, दूसरा कम Users लेकिन Stable Income। Investor दूसरा चुनेगा।युवाओं को Pitch Deck, Unit Economics और Growth Strategy पर काम करना चाहिए। Transparency और Data-Driven Approach जरूरी है।
13. भारतीय Entrepreneurs को Financial Literacy की कमी कैसे नुकसान पहुंचाती है?Financial Literacy की कमी के कारण Entrepreneurs गलत Loan, High Interest Credit और Fraud में फंस जाते हैं।उदाहरण:एक दुकानदार ने 36% ब्याज पर Private Loan ले लिया, जिससे पूरा मुनाफा ब्याज में चला गया।Basic Finance जैसे Interest, ROI, EMI, Cash Flow समझना बेहद जरूरी है। Financial Education से ही Sustainable Business बनता है।
14. महंगाई (Inflation) छोटे बिजनेस को कैसे प्रभावित करती है?Inflation से Raw Material, Transport और Salary की लागत बढ़ती है, लेकिन Selling Price बढ़ाना आसान नहीं होता।उदाहरण:एक Bakery Owner के लिए आटा और दूध महंगा हो गया, लेकिन ग्राहक Price Increase स्वीकार नहीं कर रहा।Solution है Cost Optimization, Supplier Negotiation और Value-Based Pricing।
15. Digital Payment और Technology की कमी वित्तीय समस्या कैसे बनती है?जो Entrepreneurs Digital Tools नहीं अपनाते, वे Competitive Market में पीछे रह जाते हैं।उदाहरण:UPI और Online Payment न रखने से एक दुकान Customer खो देती है।Digital Accounting, Online Payments और Financial Apps बिजनेस को Efficient बनाते हैं।
15.. वित्तीय समस्याओं से बचने के लिए युवा Entrepreneurs को क्या करना चाहिए..?
युवाओं को Financial Discipline, सही Planning और Continuous Learning अपनानी चाहिए।उदाहरण:जो Entrepreneur शुरुआत से Budget, Savings और सही Investment करता है, वही लंबे समय तक टिकता है।Government Schemes, Mentorship और Financial Advisors की मदद लें। याद रखें –Strong Finance = Strong Businessअगर चाहें तो मैं:इसका निष्कर्ष (Conclusion)SEO Keywords + Meta Descriptionया इसे पूरा Blog Format में भी तैयार कर सकता हूँ
Question 16. मैं 10 साल पहले ₹70000 में एक प्लॉट खरीदा था, और अब उसे ₹6 लाख में बेचा है। मैं यह जानना चाहता हूं कि क्या मुझे इनकम टैक्स देना होगा और कितना इनकम टैक्स देना होगा..?
— चंद्र प्रकाश, जोधपु
उत्तर — जमीन से होने वाली यह कमाई “लॉन्ग टर्म कैपिटल गैन” मानी जाती है. टैक्स चुकाने की आपके पास दो विकल्प हैं पहला विकल्प इंडेक्सेशन के साथ है पिछले 10 वर्षों की महंगाई को जोड़कर खरीद लागत 1,07,000 मानी जाएगी और मुनाफा 4.93 लाख बनता है जिस पर 20% टैक्स और चार प्रतिशत शेष मिलकर 102544 टैक्स देना पड़ेगा दूसरा विकल्प बिना इंडेक्सेशन का है। इसके तहत जैसे अपने प्लॉट को ₹600000 का बचा है तो इसमें से मल खरीद अर्थात 70000 रुपए को घटा दिया जाएगा यानी 5.3 लख रुपए का आपको मुनाफा हुआ है इस मुनाफे पर 12.5% टैक्स और चार प्रतिशत शेष लगेगा टैक्स 68900 का बनता है आप इस मुनाफे को किसी नए रियासी मकान या सरकारी कैपिटल गैन बॉन्ड्स आदि में निवेश करते हैं तो आप टैक्स को बचा सकते हैं
लेखक परिचय --
मेरा नाम केदार लाल है ( K. L. Ligree)। मैं भारत देश के अंतर्गत राजस्थान राज्य के करौली जिले के टुड़ावली गांव का रहने वाला हूँ। मैंने राजस्थान विश्वविधालय - जयपुर,वर्धमान महावीर विश्वविद्यालय - कोटा एवं जम्मू कश्मीर विश्वविद्यालय से बीए, एमए, बीएड, एमबीए ( मास्टर ऑफ़ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन) एवं बीजेएमसी ( बेचलर ऑफ़ जर्नालिज्म, पत्रकारिता ) कि शिक्षा प्राप्त कि है। कुछ वर्षों तक मैं राजस्थान एवं देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका एवं दैनिक भास्कर में विपणन ( Marketing ) कार्य भी किया हैं. भारत तथा दुनिया में अपनी खास पहचान रखने वाले दो अंग्रेजी समाचार पत्रों "टाइम्स ऑफ़ इंडिया" एवं "हिंदुस्तान टाइम्स" मैं मार्केटिंग एवं प्रबंधन कार्यों में सन लगे रहा हूं। बचपन एवं युवावस्था में में शर्मिला एवं खूबसूरत व्यक्तित्व का धनी रहा हूं. मैं एक रोमांटिक एवं मजाकिया प्रवृत्ति का इंसान हूँ। एमबीए के बाद मैंने गोदरेज, टाटा AIG, आइडिया एवं वोडाफोन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्य किया है। मैं करौली जिले के कई विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में काफी समय तक शिक्षण कार्य से जुड़ा रहा हूं। रुचियाँ -- मुझे समाचार पत्र पढ़ने, न्यूज़ देखने, डिबेट देखने, घूमने का शोक है। मुझे पारिवारिक और मनोरंजक फिल्में देखने का भी काफी शौक है। मुझे घूमना और लॉन्ग ड्राइव पर जाना अच्छा लगता है। मैं पर्वतीय क्षेत्र में घूमने का शौकीन हूँ। मुझे पढ़ने और अपने ब्लॉग के लिए आर्टिकल लिखने का भी काफी शौक है। मेरे दो ब्लॉग है जिनके लिए मैं आर्टिकल लिखता हूं और मैं फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। मेरे ब्लॉग -- 1. प्रेरणा डायरी ( ब्लॉग ) prernadayari.com (ब्लॉगर ) 2. आर्थिक फंडा (ब्लॉग ) arthikfunda.com ( वर्डप्रेस) 3. इश्क़बाज, ishkbaj.com 4. वित्तीय फंडा, vittiyfunda.com ( वर्डप्रेस ) 5. प्रेरित डायरी, preritdayri.wordpress.com मैं बचपन से ही लेखक, पत्रकार, और एक अच्छा शिक्षक बनना चाहता था। अगर अब तक कि मेरी जिंदगी का मूल्यांकन करें, तो मेरे कुछ सपने पूरे हुए हैं, जबकि कुछ अभी भी अधूरे हैं। फिलहाल में फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। और गूगल, ब्लॉगर तथा वर्डप्रेस जैसे प्लेटफार्म पर लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और आर्टिकल राइटर बनना चाहता हूं। इस क्षेत्र में मुझे काफी लोकप्रियता मिल रही है। आप सभी पाठकों का प्यार मेरी सबसे बड़ी ताकत है। अपने परिवार के साथ मै खुशहाल जिंदगी बिता रहा हूं।
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