अपने फ्री-टाइम का बेहतर इस्तेमाल कैसे करें स्टूडेंट.? 7 नायाब और नेचुरल तरीके।

प्रेरणा डायरी (ब्लॉग ) 
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हिंडौन, करौली, राजस्थान -321610


 यह 7 तरीके अपना कर अपने फ्री टाइम का करें बेहतर इस्तेमाल :


हर इंसान यह एक व्यक्ति की जिंदगी में कुछ समय ऐसा आता है तब वह अपने आप को फ्री महसूस करता है अर्थात उसके पास पढ़ाई एवं अन्य कार्यों का लोड कम होता है। लेकिन कहते हैं एक स्टूडेंट को या किसी भी व्यक्ति को अपने फ्री टाइम को वेस्ट नहीं करना चाहिए बल्कि उसमें कुछ नई चीज सीखनी चाहिए और अपनी स्किल में बढ़ावा करना चाहिए। फ्री समय को हम अपने स्किल और इंटरेस्ट की ग्रोथ में लगा सकते हैं। यह स्किल हमें कामयाबी कैसे कर तक पहुंचती हैं। जब भी आजकल हम में से अधिकतर लोग और यहां तक की स्टूडेंट भी अपने फ्री टाइम को मोबाइल पर बिताना पसंद करते हैं लेकिन स्टूडेंट या प्रोफेशनल्स को यह तरीका बदलने की जरूरत है ऐसे में वह करें जो जीवन में आगे बढ़ाने में मदद करता है। 


    
      फोटो - प्रेरणा डायरी ब्लॉग -  "छात्रों का हमसफर" 


 टेबल ऑफ़ कंटेंट  

1. अपनी हॉबी को समय दें।
2. नई लैंग्वेज से रूबरू हूं।
3. चुनौतियों से निपटना सीखें।
4. अच्छी किताबें पढ़ें। 
5. मेडिटेशन सीखें।
6. लक्ष तक पहुंचने के रास्ते तैयार करें।
7. सारांश.
8. महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर 

1. अपनी हॉबी को समय दें  :

 दिन भर में भले ही आपके पास फ्री टाइम के रूप में 2 घंटे ही होते हैं लेकिन इन्हें आप अपनी हॉबी को दें। अपनी हॉबी को समय देना आपके लिए कितना फायदेमंद हो सकता है यह मैं आपको बताता हूं।
 एक तो हॉबी का सबसे बड़ा फायदा होता है कि आपको हॉबी का काम करके सुकून प्राप्त होता है। मन में शांति का एहसास जागता है। रुचि का काम करके आप खुद को तनाव रहित महसूस कर सकते हैं इसके साथ ही संतुष्टि का एहसास भी होता है। 
 दूसरा फायदा है कि होम्यो को समय देने से आपकी रुचियां में निखार आता है और भविष्य में चलकर आप अपनी रुचियां के आधार पर अपने अच्छे करियर का निर्माण कर सकते हैं जैसे आपकी क्रिकेट खेलने में रुचि है और रोज आप क्रिकेट को समय देते हैं अच्छा अभ्यास और प्रैक्टिस करते हैं तो आगे चलकर आप क्रिकेट की दुनिया में अपना कैरियर बना सकते हैं। 
 अगर बागवानी में आपकी रुचि है तो आप रोज कुछ समय निकाल कर बागवानी को दीजिए भविष्य में आप अच्छा ज्ञान प्राप्त होने पर बागवान के रूप में अपना करियर बना सकते हैं इसमें सरकारी और प्राइवेट सेक्टर दोनों में ही नौकरियां उपलब्ध है।

 इस बात को कैसे जाने की मेरी किस चीज में रुचि है...?

अपनी रुचियों की ताकत को पहचानने के लिए, पहले उन गतिविधियों को पहचानें जिनमें आपको आनंद आता है और जिनमें आप स्वाभाविक रूप से अच्छे हैं, क्योंकि ये आपकी शक्तियों के सूचक हैं। इन रुचियों से जुड़े कौशलों, जैसे कि समस्या-समाधान या व्यावहारिक कार्य, को समझें। आत्म-चिंतन, अपनी पिछली सफलताओं का विश्लेषण, और भरोसेमंद लोगों से प्रतिक्रिया मांगकर अपनी शक्तियों और रुचियों को बेहतर ढंग से समझें। यह आत्म-जागरूकता आपको अपने जीवन में आगे बढ़ने में मदद करेगी। 

 अपनी हॉबी / रूचि / इंट्रेस्ट को कैसे पहचाने 


1. आत्म-चिंतन करें:
उन कार्यों के बारे में सोचें जो आपको खुशी देते हैं और जिन्हें करने में आपको मज़ा आता है। आप डायरी लिख सकते हैं या ध्यान कर सकते हैं। 
2. अपने कौशल का विश्लेषण करें:
जब आप कोई ऐसा काम करते हैं जिसमें आपको आनंद आता है, तो आप जिन कौशलों का उपयोग करते हैं, उन्हें पहचानें। 
3. अपनी सफलताओं को याद करें:
अपने जीवन के उन पलों के बारे में सोचें जब आपने गर्व या उपलब्धि महसूस की थी। उन गुणों को पहचानें जिन्होंने उन सफलताओं को संभव बनाया। 
4. दूसरों से प्रतिक्रिया लें:
उन लोगों से पूछें जिन पर आप भरोसा करते हैं, वे आपकी कौन सी खूबियाँ देखते हैं। 
5. अपने जुनून को समझें:
जिन विषयों या गतिविधियों में आपको गहरा आकर्षण और उत्साह महसूस होता है, वे अक्सर आपकी शक्तियों से मेल खाते हैं। 


2. नई लैंग्वेज से रूबरू हो :

 फ्री वक्त में लैंग्वेज सीखना समय का एक बेहतर इस्तेमाल हो सकता है। इसके कई फायदे हैं एक नई लैंग्वेज शिकार न केवल आप अपने ज्ञान में बढ़ोतरी कर सकते हैं और एक नई भाषा से जुड़ सकते हैं बल्कि भविष्य में आप अपने करियर के ऑप्शन भी खोल सकते हैं क्योंकि विदेशी भाषाओं में विभिन्न कैरियर निर्माण अपॉर्चुनिटी उपलब्ध हैं। आप अंग्रेजी फ्रेंच इटालियन जापानी या किसी भाषा का भी लैंग्वेज कोर्स कर सकते हैं।

नई भाषा सीखकर आप अनुवादक (ट्रांसलेटर), दुभाषिया (इंटरप्रेटर), शिक्षक, या पर्यटन उद्योग में विशेषज्ञ बन सकते हैं, जिससे आपके करियर के नए रास्ते खुलते हैं और आय में वृद्धि होती है। यह सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ाता है, मल्टीटास्किंग और दिमागी चपलता में सुधार करता है। ऑनलाइन काम या घर बैठे फ्रीलांसिंग के अवसर भी मिलते हैं, और बहुभाषी होना आपकी रिज्यूमे को भी आकर्षक बनाता है। 
करियर के नए अवसर
अनुवादक और दुभाषिया:
अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, सरकारी विभागों, दूतावासों और मीडिया में भाषा विशेषज्ञों की मांग है, जहाँ आप अनुवादक या दुभाषिया के रूप में काम कर सकते हैं। 
शिक्षण:
आप भाषा प्रशिक्षक (लैंग्वेज ट्रेनर) या लेक्चरर के रूप में शिक्षण के क्षेत्र में जा सकते हैं। 
पर्यटन और होटल उद्योग:
इस क्षेत्र में भाषा विशेषज्ञों की बहुत आवश्यकता होती है। 
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म:
आप फ्रीलांसिंग या ऑनलाइन टीचिंग के जरिए घर बैठे कमाई कर सकते हैं। 


3. चुनौतियों से रूबरू हों :
"समस्याओं का सामना"

जीवन में कोई भी व्यक्ति, चाहे कितना भी सक्षम या शक्तिशाली क्यों न हो, चुनौतियों से अछूता नहीं रह सकता। हम अक्सर सोचते हैं कि केवल कमजोर लोग ही कठिनाइयों से जूझते हैं, लेकिन सच यह है कि यहाँ तक कि शेर जैसे जंगल के राजा को भी मक्खियों से लड़ना पड़ता है।

समस्याएं हमारे साहस की परीक्षा लेने आती हैं, हमें मजबूत बनाने आती हैं। घबराने के बजाय हमें उनका सामना करना चाहिए, क्योंकि हर समस्या के साथ एक समाधान भी छिपा होता है। याद रखें समस्या से भागने पर समाधान दूर भागता है, और सामना करने पर वही समाधान पास आ जाता है।

एक बार की बात है, प्रसिद्ध वैज्ञानिक थॉमस एडीसन अपनी प्रयोगशाला में नए प्रयोग कर रहे थे। उसी दौरान उनकी प्रयोगशाला में भीषण आग लग गई। करोड़ों रुपये के उपकरण और शोध सामग्री राख हो गए। लोग सोच रहे थे कि अब एडीसन का जीवन बर्बाद हो जाएगा। लेकिन उन्होंने आश्चर्यजनक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने अपने बेटे को बुलाया और कहा,

"अपने दोस्तों को बुलाओ, ऐसा नज़ारा उन्हें जिंदगी में फिर देखने को नहीं मिलेगा।"

अगले ही दिन उन्होंने नई ऊर्जा के साथ काम शुरू कर दिया और कहा,

"अब मेरे पास पुरानी गलतियों का बोझ नहीं है, मैं और बेहतर शुरुआत कर सकता हूँ।"

यह घटना हमें सिखाती है कि जीवन में चाहे कितनी भी बड़ी समस्या क्यों न आए, वह हमें खत्म करने नहीं आती, वह हमें निखारने आती है।

जैसे जंगल का राजा शेर भी मक्खियों से लड़ता है, वैसे ही हम भी छोटी-बड़ी चुनौतियों का सामना करते हैं। असली ताकत समस्याओं से बचने में नहीं, बल्कि उनका सामना कर जीतने में है।

आज के सुखमय और आनंदमय दिन के लिए आप सभी स्नेहीजनों का हृदय से आभार। आने वाला कल आपके और आपके परिवार के लिए शुभ, मंगलमय और समृद्धि से परिपूर्ण हो। सादर जयजिनेंद्र, शुभरात्रि और नमस्कार।




3. अच्छी किताबें पढ़ें :


 अच्छी किताबें एक सच्चे मित्र और गुरु की तरह होती हैं जो कुछ ना कुछ अच्छी बातें जरूर सिखाते हैं आप मोटिवेशनल बुक भी पढ़ सकते हैं और जीवन में आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं। रोज अपना कुछ समय अच्छी किताबें पढ़ने में व्यतीत करें। 
क फ्री टाइम में किताबें पढ़ने से तनाव कम होता है, ज्ञान बढ़ता है, नींद बेहतर होती है, एकाग्रता बढ़ती है और शब्दावली में सुधार होता है. किताबें मानसिक विकास के लिए व्यायाम का काम करती हैं, जिससे मस्तिष्क तेज होता है और नई सोच विकसित होती है. यह जीवन को देखने का नजरिया भी बदलती हैं और प्रेरणा देती हैं. 
किताबें पढ़ने के मुख्य फायदे:
मानसिक स्वास्थ्य में सुधार:
तनाव कम होता है: 30 मिनट पढ़ने से रक्तचाप, हृदय गति और मांसपेशियों के तनाव को कम करने में मदद मिलती है, जिससे व्यक्ति तनाव से दूर रहता है. 
अवसाद और चिंता के लक्षण कम होते हैं: पढ़ना संज्ञानात्मक-व्यवहार थेरेपी जितना ही प्रभावी हो सकता है, जो अवसाद के लक्षणों को कम करता है. 
ज्ञान और मस्तिष्क का विकास:
ज्ञान में वृद्धि: किताबें नई जानकारी और नए विचार देती हैं, जिससे सीखने की क्षमता बढ़ती है. 
मस्तिष्क को तेज रखता है: दिमाग के लिए यह एक एक्सरसाइज की तरह काम करता है, जिससे दिमाग तेज और सक्रिय रहता है. 
यादाश्त बेहतर होती है: पढ़ने से मस्तिष्क की अल्पकालिक और दीर्घकालिक स्मृति सक्रिय रहती है, जिससे याददाश्त मजबूत होती है. 
बेहतर जीवन कौशल:
एकाग्रता बढ़ती है: पढ़ते समय मस्तिष्क एक ही चीज पर केंद्रित होता है, जिससे फोकस और एकाग्रता में सुधार होता है. 
शब्दावली में सुधार: नई-नई किताबें पढ़ने से नए शब्द सीखते हैं, जिससे भाषा पर अच्छी पकड़ बनती है और विचारों को बेहतर तरीके से व्यक्त कर पाते हैं. 
सोच बदलती है: बायोग्राफी या मोटिवेशनल किताबें पढ़ने से जीवन और दुनिया को एक नए नजरिए से देखने का मौका मिलता है. 



5. फ्री समय में मेडिटेशन का अभ्यास करें :

 मेडिटेशन अपनी जिंदगी को खुशनुमा बनाने का एक नया तरीका। आज की भाग दौड़ भरी जिंदगी और इस व्यस्त जीवन में मेडिटेशन के लिए समय निकालना आपके लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है इसके लिए रोज 25 से 30 मिनट का समय पर्याप्त है। 


6. अपने लक्ष्य तक पहुंचाने के रास्ते तैयार करें 

 छात्र के रूप में लक्ष्य तक पहुँचने का रास्ता बनाना कोई जादू नहीं, बल्कि एक सही सिस्टम + निरंतर अभ्यास का परिणाम होता है। नीचे मैं आपको व्यावहारिक, आज़माए हुए और छात्र-अनुकूल उपाय बता रहा हूँ - 

1. सबसे पहले अपनी लक्ष्य को स्पष्ट करें 

धुंधला लक्ष्य → धुंधला रास्ता → कमजोर परिणाम
🔹 अपने आप से पूछें कि मैं अपनी जिंदगी में एक वर्ष बाद किस मुकाम पर पहुंचाना चाहता हूं
मैं 1 साल बाद खुद को कहाँ देखना चाहता हूँ..?
5 साल बाद मेरी पहचान क्या हो..? इसलिए सिर्फ सूचना ही पर्याप्त नहीं है अपने लक्ष्य को निर्धारित करना और उसे हासिल करना महत्वपूर्ण बात है।  लक्ष्य लिखिए, केवल सोचिए मत। क्योंकि स्पष्ट रूप से लिखे गए लक्ष्य जल्दी तय होते हैं 
उदाहरण: ❌ “मुझे सफल होना है”
 “मुझे 2026 तक X परीक्षा पास करनी है / X स्किल सीखनी है”
 लिखे गए लक्ष्य 40% ज्यादा पूरे होते हैं।

2. बड़े लक्षणों को छोटे चरणों में तोड़े 

बड़ा पहाड़ देखकर डर लगता है, ठीक उसी तरह बड़े टारगेट को देखकर हिम्मत जवाब दे सकती है। छोटे कदम देखकर हिम्मत आती है।
उदाहरण:
बड़ा लक्ष्य: प्रतियोगी परीक्षा पास करना। छोटे लक्ष्य: रोज़ 2 घंटे पढ़ाई, हर सप्ताह एक टेस्ट, हर महीने सिलेबस का एक भाग
 छोटे लक्ष्य = रोज़ की जीत
3. अपनी प्राथमिकताएं निर्धारित करें 
सबके पास 24 घंटे होते हैं, फर्क प्राथमिकता का है।
 उपाय:
दिन की 3 सबसे जरूरी चीजें तय करें
मोबाइल और सोशल मीडिया के लिए समय तय करें
पढ़ाई के समय फोन साइलेंट + दूर रखें, जो काम जरूरी है उन्हें प्राथमिकता में सबसे ऊपर रखें और उन्हें सबसे पहले करें। आज के जमाने में स्किल डेवलप करना एक बहुत ही महत्वपूर्ण चीज है इसलिए अपने स्किल डेवलप करने पर भी ध्यान दें। 
आज का युग Skill + Knowledge का है।
 छात्र के लिए जरूरी स्किल्स:
Communication (बोलना + लिखना)
Problem Solving
Digital Awareness
Focus & Discipline
रोज़ 30 मिनट किसी एक स्किल को दें। इतना करके आप अपनी कुछ स्किल्स को डेवलप कर सकते हैं जो आपके करियर और नॉलेज दोनों को मजबूत बनाएंगे। 

हर सफल व्यक्ति पहले असफल हुआ है
गलती वही करता है जो कोशिश करता है
 हर असफलता से पूछिए:
“मैं यहाँ से क्या सीख सकता हूँ?” सही संगत और वातावरण बनाइए। आप जैसे लोगों के साथ रहते हैं, वैसे ही बनते हैं।
प्रेरणादायक लोगों को फॉलो करें, नकारात्मक बातों से दूरी रखें
अपने कमरे और स्टडी टेबल को साफ रखें. फ्री टाइम में आप अपना आत्म विश्लेषण कर सकते हैं। रोज अपने आप से पूछे 
 खुद से पूछें:
आज मैंने क्या सीखा..?
क्या बेहतर कर सकता था..?
कल क्या सुधारूँगा..?
 अपने फ्री समय का उपयोग करके, और इन आदतों के जरिए आप अपने आप को  भीड़ से अलग बना सकतें है। रोज अपने आप में थोड़ा-थोड़ा और छोटा-छोटा सुधार करने का प्रयास करें। 

 आर्टिकल का निष्कर्ष 

निष्कर्ष: अपने फ्री टाइम का बेहतर इस्तेमाल कैसे करें – स्टूडेंट के लिए मार्गदर्शन
आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में एक छात्र के लिए फ्री टाइम केवल आराम करने का समय नहीं, बल्कि खुद को बेहतर बनाने का अवसर है। फ्री टाइम का सही उपयोग छात्र के व्यक्तित्व, ज्ञान और भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाता है। जो विद्यार्थी अपने खाली समय को समझदारी से उपयोग करता है, वही दूसरों से आगे निकलता है।
फ्री टाइम का बेहतर उपयोग सबसे पहले आत्म-विकास से जुड़ा होना चाहिए। इस समय में छात्र नई स्किल्स सीख सकते हैं, जैसे—कम्युनिकेशन, कंप्यूटर ज्ञान, क्रिएटिव राइटिंग या कोई नई भाषा। यह स्किल्स आगे चलकर करियर के अवसरों को मजबूत बनाती हैं। इसके साथ-साथ अच्छी किताबें पढ़ना, ज्ञानवर्धक वीडियो देखना और सामान्य ज्ञान बढ़ाना भी फ्री टाइम का सकारात्मक उपयोग है।
दूसरा महत्वपूर्ण पहलू है स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन। योग, ध्यान, व्यायाम या खेलकूद से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि एकाग्रता और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। मानसिक रूप से मजबूत छात्र ही लंबे समय तक लक्ष्य पर टिके रह सकता है। फ्री टाइम में आत्मचिंतन करना, अपनी कमजोरियों को समझना और सुधार की योजना बनाना भी अत्यंत लाभकारी है।
फ्री टाइम का सही उपयोग करने वाला छात्र अनुशासन और समय प्रबंधन की कला सीख जाता है। इसके विपरीत, जो छात्र इस समय को केवल मोबाइल, सोशल मीडिया या आलस्य में गंवा देते हैं, वे धीरे-धीरे अपने लक्ष्य से दूर होते जाते हैं। इसलिए आवश्यक है कि फ्री टाइम और टाइम वेस्ट में फर्क समझा जाए।
अंततः कहा जा सकता है कि फ्री टाइम एक छात्र के लिए सफलता की नींव है। यदि इसे सही दिशा में लगाया जाए, तो यही समय ज्ञान, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करता है।

 संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर 
ज 
नीचे “अपने फ्री टाइम का बेहतर उपयोग कैसे करें – विद्यार्थी”
इस विषय पर 10 अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न–उत्तर दिए जा रहे हैं। ये प्रश्न उत्तर, व्यावहारिक और विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक हैं।
 प्रश्न 1.  एक विद्यार्थियों के लिए फ्री टाइम क्या होता है..?  
उत्तर: फ्री टाइम वह समय होता है जब विद्यार्थी पढ़ाई, कक्षाओं और अनिवार्य कार्यों से मुक्त होता है। यह समय केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि आत्म-विकास, कौशल निर्माण और मानसिक संतुलन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है।

प्रश्न 2: फ्री टाइम का सही उपयोग विद्यार्थी के लिए क्यों आवश्यक है..?

उत्तर: फ्री टाइम का सही उपयोग विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और लक्ष्य के प्रति स्पष्टता विकसित करता है। यह समय भविष्य की तैयारी और व्यक्तित्व विकास का आधार बनता है।

प्रश्न 3: विद्यार्थी अपने फ्री टाइम की शुरुआत कैसे करे..?

उत्तर: विद्यार्थी को सबसे पहले अपने लक्ष्य तय करने चाहिए। इसके बाद फ्री टाइम को छोटे-छोटे उपयोगी कार्यों में बाँटना चाहिए, जैसे पढ़ना, अभ्यास करना या नई स्किल सीखना।

प्रश्न 4. एक विद्यार्थी फ्री टाइम में कौन-कौन सी स्किल सीख सकता है..? 
उत्तर: फ्री टाइम में कम्युनिकेशन स्किल, डिजिटल स्किल, समय प्रबंधन, समस्या समाधान और क्रिएटिव थिंकिंग जैसी स्किल्स सीखना विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।

प्रश्न 5: क्या फ्री टाइम में मनोरंजन करना गलत है?

उत्तर: नहीं, मनोरंजन गलत नहीं है। लेकिन सीमित और संतुलित मनोरंजन आवश्यक है। पढ़ाई के साथ हल्का संगीत, खेल या पसंदीदा गतिविधि मन को तरोताज़ा करती है।

प्रश्न 6: फ्री टाइम में मोबाइल और सोशल मीडिया का सही उपयोग कैसे करें..?
उत्तर: मोबाइल का उपयोग केवल सीखने, जानकारी बढ़ाने और उपयोगी कंटेंट देखने के लिए करना चाहिए। अनावश्यक स्क्रॉलिंग से बचना ही फ्री टाइम का सही उपयोग है।

प्रश्न 7: फ्री टाइम में स्वास्थ्य का ध्यान कैसे रखें?

उत्तर: योग, व्यायाम, ध्यान और खेलकूद फ्री टाइम के श्रेष्ठ उपयोग हैं। इससे शारीरिक ऊर्जा बढ़ती है और पढ़ाई में एकाग्रता बनी रहती है।

प्रश्न 8: फ्री टाइम में आत्म-विश्लेषण क्यों जरूरी है..?

उत्तर: आत्म-विश्लेषण से विद्यार्थी अपनी गलतियों, कमजोरियों और प्रगति को समझ पाता है। यह आदत उसे निरंतर बेहतर बनने की दिशा दिखाती है।

प्रश्न 9: फ्री टाइम और समय की बर्बादी में क्या अंतर है?
उत्तर: जो समय ज्ञान, कौशल और स्वास्थ्य बढ़ाए वही फ्री टाइम का सही उपयोग है, जबकि बिना उद्देश्य बिताया गया समय केवल समय की बर्बादी है।

प्रश्न 10: फ्री टाइम का सही उपयोग विद्यार्थी को कैसे सफल बनाता है?
उत्तर: फ्री टाइम का सकारात्मक उपयोग विद्यार्थी को अनुशासित, आत्मनिर्भर और लक्ष्य-केंद्रित बनाता है, जो अंततः उसे सफलता की ओर ले जाता है।

 लेखक परिचय 



मेरा नाम केदार लाल ( सिंह साहब, लिग़री जी )  है।  मैं भारत देश के अंतर्गत राजस्थान राज्य के करौली जिले के टुड़ावली गांव का रहने वाला हूँ।  मैंने राजस्थान विश्वविधालय - जयपुर एवं वर्धमान महावीर विश्वविद्यालय - कोटा, तथा जम्मू कश्मीर विश्वविद्यालय  से बीए, एमए, बीएड, एमबीए एवं बीजेएमसी (पत्रकारिता ) कि शिक्षा प्राप्त कि है। बचपन से ही मैं रोमांटिक लेखक, एवं उधर प्रवृत्ति का इंसान रहा हूं। जब मैं छोटा था तो काफी शर्मीला था। सफलता और असफलता दोनों पक्ष मेरी जिंदगी से जुड़े हुए हैं। कुछ वर्षों तक मैं राजस्थान एवं देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका एवं दैनिक भास्कर में विपणन ( Marketing ) कार्य भी किया हैं. एमबीए के बाद मैंने गोदरेज, टाटा AIG, आइडिया एवं वोडाफोन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्य किया है। मैं करौली जिले के कई विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में काफी समय तक शिक्षण कार्य से जुड़ा रहा हूं। रुचियाँ -- मुझे समाचार पत्र पढ़ने, न्यूज़ देखने, डिबेट देखने, घूमने का शोक है। मुझे पारिवारिक और मनोरंजक फिल्में देखने का भी काफी शौक है। मुझे घूमना और लॉन्ग ड्राइव पर जाना अच्छा लगता है। मैं पर्वतीय क्षेत्र में घूमने का शौकीन हूँ। मुझे पढ़ने और अपने ब्लॉग के लिए आर्टिकल लिखने का भी काफी शौक है। मेरे दो ब्लॉग है जिनके लिए मैं आर्टिकल लिखता हूं और मैं फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। मेरे ब्लॉग -- 1. प्रेरणा डायरी ( ब्लॉग ) prernadayari.com (blogger ) 2. आर्थिक फंडा (ब्लॉग ) arthikfunda.com ( wordpress मैं बचपन से ही लेखक, पत्रकार, और एक अच्छा शिक्षक बनना चाहता था। अगर अब तक कि मेरी जिंदगी का मूल्यांकन करें, तो मेरे कुछ सपने पूरे हुए हैं, जबकि कुछ अभी भी अधूरे हैं। फिलहाल में फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। और गूगल, ब्लॉगर तथा वर्डप्रेस जैसे प्लेटफार्म पर लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और आर्टिकल राइटर बनना चाहता हूं। इस क्षेत्र में मुझे काफी लोकप्रियता मिल रही है।





ब्लॉग - प्रेरणा डायरी ब्लॉग 
चीफ एडिटर - केदार लाल  ( सिंह साहब )
Prernadayari.com

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