100-100 शब्दों की 10 सर्वश्रेष्ठ प्रेरक और प्रेरणादायक कहानियां।
प्रेरणा डायरी ब्लॉ
हिंडौन,करौली,राजस्थान,भारत।
यहाँ बच्चों के लिए 100-100 शब्दों की 10 सर्वश्रेष्ठ प्रेरणादायक कहानियाँ दी जा रही हैं। हर कहानी सरल भाषा में है, और अंत में स्पष्ट सीख (Moral) भी दी गई है।
1. मेहनती चींटी
एक जंगल में छोटी-सी चींटी रहती थी। वह रोज़ धूप में निकलकर दाने इकट्ठा करती थी। दूसरे कीड़े उसका मज़ाक उड़ाते थे और कहते थे कि इतना काम करने की क्या ज़रूरत है। लेकिन चींटी चुपचाप मेहनत करती रही। कुछ समय बाद तेज़ बारिश आई और जंगल में भोजन की कमी हो गई। जिन कीड़ों ने काम नहीं किया था, वे भूखे रह गए। तब वही चींटी अपने जमा किए दानों से सबकी मदद करती है।
सींख : मेहनत और भविष्य की तैयारी हमेशा काम आती है।
2. ईमानदार लकड़हारा
एक लकड़हारा रोज़ नदी किनारे लकड़ी काटता था। एक दिन उसकी कुल्हाड़ी नदी में गिर गई। वह बहुत दुखी हुआ। तभी नदी से एक देवता प्रकट हुए और सोने-चाँदी की कुल्हाड़ियाँ दिखाईं। लकड़हारे ने कहा कि ये उसकी नहीं हैं। अंत में देवता ने उसकी असली कुल्हाड़ी दी और ईमानदारी से खुश होकर तीनों कुल्हाड़ियाँ दे दीं।
सींख : ईमानदारी सबसे बड़ी संपत्ति होती है।
3. छोटा दीपक और अंधेरा
एक कमरे में घना अंधेरा था। सब लोग डर रहे थे। तभी एक छोटा-सा दीपक जलाया गया। दीपक बहुत छोटा था, लेकिन उसकी रोशनी से पूरा कमरा चमक उठा। लोगों ने समझा कि छोटा होने के बावजूद दीपक ने बड़ा काम कर दिखाया।
सींख : छोटे प्रयास भी बड़ा बदलाव ला सकते हैं।
4. आलसी लड़का और किताब
एक लड़का पढ़ाई से हमेशा बचता था। वह समय बर्बाद करता रहता था। परीक्षा के समय वह डर गया। तब उसने मन लगाकर किताबें पढ़नी शुरू कीं। धीरे-धीरे उसे पढ़ाई में मज़ा आने लगा और वह अच्छे अंक लाया।
सींख : समय पर मेहनत करने से सफलता जरूर मिलती है।
5. सच्चा मित्र
दो दोस्त जंगल से गुजर रहे थे। अचानक भालू आ गया। एक दोस्त पेड़ पर चढ़ गया, दूसरा जमीन पर लेट गया। भालू उसे सूँघकर चला गया। बाद में पहले दोस्त ने पूछा भालू ने क्या कहा। उसने कहा—“जो मुश्किल में साथ न दे, वह सच्चा मित्र नहीं।”
सींख : सच्चा दोस्त मुश्किल में पहचान में आता है।
6. घमंडी खरगोश
एक खरगोश अपनी तेज़ दौड़ पर बहुत घमंड करता था। उसने कछुए को दौड़ की चुनौती दी। दौड़ के बीच खरगोश सो गया। कछुआ धीरे-धीरे चलता रहा और जीत गया।
सींख सीख: घमंड हमेशा हार की वजह बनता है।
7. पेड़ और बच्चा
एक बच्चा रोज़ एक पेड़ के पास खेलता था। बड़ा होने पर वह दूर चला गया। जब उसे ज़रूरत पड़ी, पेड़ ने फल, लकड़ी और छाया सब कुछ दिया।
सींक : प्रकृति निःस्वार्थ भाव से हमारी मदद करती है, हमें उसकी रक्षा करनी चाहिए।
8. सही समय का महत्त्व
एक छात्र हमेशा कहता था—“कल पढ़ूँगा।” धीरे-धीरे परीक्षा आ गई। अब समय नहीं बचा। उसे समझ आया कि समय की कीमत क्या होती है।
सीख: जो काम आज किया जा सकता है, उसे कल पर नहीं टालना चाहिए।
9. छोटी मदद, और बड़ी खुशी
एक बच्चा रोज़ स्कूल जाते समय बूढ़ी अम्मा को सड़क पार करवाता था। एक दिन अम्मा ने आशीर्वाद दिया। बच्चा समझ गया कि मदद करने से दिल को सच्ची खुशी मिलती है।
सींख : दूसरों की मदद करना सबसे अच्छा गुण है।
10. खुद पर विश्वास
एक बच्चा कमजोर समझा जाता था। सब उसका मज़ाक उड़ाते थे। लेकिन उसने खुद पर भरोसा रखा, अभ्यास किया और प्रतियोगिता जीत ली।
सींख: आत्मविश्वास से असंभव भी संभव बन जाता है।
यदि आप चाहें तो मैं
केदार लाल -- चीफ एडिटर / सिंह साहब / लिग़री जी
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