क्यों कुछ कामयाब युवा जल्दी ही अपने काम को अलविदा कह रहे हैं..?
प्रेरणा डायरी
हिंडौन सिटी, करौली, राजस्थान, भारत
By - केदार लाल / सिंह साहब
क्यों कुछ कामयाब युवा जल्दी ही अपने काम को अलविदा कह रहे हैं..?
"अच्छा चलता हूं, दुआओं में याद रखना
मेरे जिक्र का, जुबां पर स्वाद रखना
दिल के संदूको में मेरे अच्छे काम रख़ना,
चिट्ठी तारों में भी मेरा सलाम रखना।"
यह महज 38 वर्षीय कामयाब गायक अरिजीत सिंह का गाना ही नहीं है, बल्कि युवाओं को प्रेरणा देकर उनके जीवन शैली भी बन गया है। हाल ही में अरिजीत सिंह ने प्लेबैक सिंगिंग से संन्यास की घोषणा करके दुनिया भर के लोगों को और उनके चाहने वालों को चौंका दिया है।
मैं खुद अरिजीत सिंह के गानों का दीवाना हूं और उनको अपना रोल मॉडल मांगता हूं। अरिजीत सिंह की इस घोषणा से फिल्म इंडस्ट्री सदमे में है। गायकी को अलविदा कहने से पहले उन्होंने एक बयान दिया और बताया कि फिल्मों के लिए गाय की के तकनीकी दोहराव से वह ऊब चुके हैं और परेशान हो चुके हैं, इसलिए अब स्वतंत्र संगीत या रचनात्मक विकास पर ध्यान देना चाहते हैं तथा छोटे बच्चों की एजुकेशन के लिए काम करना चाहते हैं।
अब आप और हम कह सकते हैं कि यह उनका निजी निर्णय है। कोई क्या कर सकता है। जबकि मैंने देखा है कि कुछ समय से कई सफल और कामयाब हस्तियां अपने को "हील" करने के लिए लंबा ब्रेक ले रहे हैं। ब्रेक लेकर अपनी दूसरी रुचियां पर ध्यान दे रहे हैं। खुद को एक क्षेत्र से दूसरे क्षेत्र में हम हस्तांतरित कर रहे हैं, ताकि संतोष प्राप्त कर सकें इसे "क्विटिंग" कहा जाता है। कुछ वर्षों से ही यह है ट्रेंड नया चलन में आया है। 2023 24 से पहले ऐसा देखने को नहीं मिल रहा था लेकिन 2024 के बाद इस तरह की क्विटिंग में तेजी आई। जैसे मैं आपको कुछ Example बताऊं --
कुछ लोग इसका मतलब यह भी निकाल रहे हैं कि आजकल का युवा उसे कामचोर होता जा रहा है, अच्छी खासी चल रही जिंदगी को छोड़कर वह विलासिता पूर्ण जीवन जीने के लिए क्विटिंग कर रहे हैं, पर मैं समझता हूँ कि आजकल युवाओं में “क्विटिंग” का मतलब कामचोरी नहीं, बल्कि बेहतर अर्थ और आज़ादी की तलाश है। कुछ अलग और रचनात्मक सफलता की तलाश है। कुछ भारतीय उदाहरण इसे साफ़ करते हैं—
1. रितेश अग्रवाल (OYO): कॉलेज छोड़कर स्टार्टअप शुरू किया। वजह—रूटीन पढ़ाई में स्कोप कम, उद्यमिता में बड़ा अवसर।
2. बायजू रवींद्रन (BYJU’S): अच्छी इंजीनियरिंग नौकरी छोड़ी, क्योंकि पढ़ाने में उद्देश्य और प्रभाव ज़्यादा दिखा।
3. निखिल कामथ (Zerodha): पारंपरिक पढ़ाई/नौकरी से हटकर ट्रेडिंग चुनी—स्वतंत्रता और स्किल-बेस्ड ग्रोथ के लिए।
युवा क्विटिंग क्यों कर रहे हैं?
कम वेतन बनाम ज़्यादा मेहनत, मानसिक स्वास्थ्य, वर्क-लाइफ बैलेंस, और पैशन-ड्रिवन करियर की चाह। आज के नौजवान सुरक्षित लेकिन उबाऊ रास्ते की जगह अर्थपूर्ण, लचीला और तेज़ ग्रोथ वाला रास्ता चुन रहे हैं। कुछ और मशहूर उदाहरण में आपके सामने पेश करना चाहता हूं, मैं दुनिया के वह लोग भी शामिल हैं जो अपने-अपने क्षेत्र में बेहद सफल और कामयाब रहे हैं -
4. मसूर कॉमेडियन जाकिर खान ने हाल ही में अपने स्वास्थ्य का हवाला देकर लाइव परफॉर्मेंस लंबे समय तक दूर रहने का ऐलान किया है।
5. प्रसिद्ध एक्ट्रेस एवं अंजलि लिली ने परिवार मानवीय कार्यों और लेखन के लिए अनिश्चित समय तक अभिनय से दूर रहने का ऐलान किया है.
6. तीसरा उदाहरण है स्टार यह सोमवार एल्डर का जिन्होंने परिवार के लिए हॉलीवुड छोड़ दिया उनका कहना है कि वह इंडस्ट्री की चक्कचों से ज्यादा शांत जीवन जीना पसंद करते हैं इसीलिए वह अपना काम छोड़ रहे हैं.
7… एक और उदाहरण में आपको बताना चाहता हूं टॉप मॉडल बेला हदीद का जो मात्र 29 वर्ष की है और उन्होंने फैशन इंडस्ट्री छोड़ते हुए कहा है कि हाई प्रेशर वाले माहौल में उन्हें संतोष ने ही मिलता इसलिए वह ब्रेक लेना चाहती है
8. जस्टिन बीबर और एरियाना ग्रांडे के हाई प्रोफाइल म्यूजिक मैनेजर रहे स्कूटर ब्राउन (44 वर्ष ) इन्होंने भी 2024 में आर्टिस्ट मैनेजमेंट से रिटायरमेंट ले लिया था ताकि एक पिता और एक एग्जीक्यूटिव के दायित्व को पूरा करने पर अपना ध्यान दे सकें।
आज के समय में “क्विटिंग” को केवल नौकरी छोड़ देना समझना सही नहीं है। यह दरअसल सोच और प्राथमिकताओं में बदलाव का संकेत है। आगे बढ़ने से पहले लिए मैं इसके बारे में थोड़ा सा आपको समझा देता हूं -
क्विटिंग क्या है..?
क्विटिंग वह स्थिति है जब कोई युवा यह महसूस करता है कि उसका वर्तमान काम उसे सीख, संतुष्टि, पहचान या मानसिक शांति नहीं दे पा रहा। तब वह डर के बावजूद उस रास्ते को छोड़कर किसी नए, ज़्यादा अर्थपूर्ण विकल्प की ओर बढ़ता है। और इसका सबसे बड़ा एग्जांपल में खुद हूं। एक जमाने में सबसे प्रोफेशनल डिग्री मानी जाती थी MBA मैंने 2007 में राजस्थान विश्वविद्यालय से अपने अपनी MBA की पढ़ाई पूरी की और कई प्राइवेट कंपनियों में, और मल्टीनेशनल कंपनियों में अपना जॉब किया। लेकिन जिस तरह के "जॉब सेटिस्फेक्शन" कि मेरी तमन्ना थी, वह पूरी नहीं हुई, इसके चलते कुछ वर्षों के बाद ही मैंने अपने इस काम को अलविदा कह दिया।
आज क्विटिंग क्यों बढ़ रही है.?
पहले नौकरी को जीवन का अंतिम लक्ष्य माना जाता था, लेकिन आज युवा समझ चुके हैं कि—
केवल पैसे से खुशी नहीं मिलती
मेंटल हेल्थ और आत्म-सम्मान ज़रूरी है
एक ही करियर में फँसे रहना ज़रूरी नहीं
स्किल, डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्टार्टअप नए मौके दे रहे हैं
क्विटिंग का असली मतलब
यह हार मानना नहीं, बल्कि यह कहना है—
“मैं अपनी ज़िंदगी अपने तरीके से जीना चाहता/चाहती हूँ।”
आज का युवा सुरक्षित लेकिन घुटन भरे काम को छोड़कर सीख, आज़ादी और उद्देश्य को चुन रहा है। सही तैयारी और सोच के साथ की गई क्विटिंग, असफलता नहीं बल्कि नए अवसरों की शुरुआत बन सकती है।
क्विटिंग का कर्म केवल नौकरी छोड़ना नहीं है, बल्कि यह अपने समय, ऊर्जा और जीवन की दिशा को दोबारा चुनने का निर्णय है। आज के संदर्भ में इसे इस तरह समझा जा सकता है—
क्विटिंग असंतोष से मुक्ति
जब काम व्यक्ति की रुचि, मूल्यों या मानसिक शांति से मेल नहीं खाता, तब क्विटिंग एक आत्म-रक्षा जैसा कदम बन जाता है।
मीटिंग नई उद्देश्यों की उद्देश्य की खोज
आज के युवा सिर्फ़ “कमाना” नहीं, बल्कि अर्थपूर्ण काम चाहते हैं—जहाँ सीख, प्रभाव और पहचान हो। इसलिए वे पारंपरिक रास्ते छोड़कर स्टार्टअप, फ्रीलांसिंग, क्रिएटर इकॉनमी या नई स्किल्स की ओर बढ़ते हैं।
जल्दी काम छोड़ना मानसिक स्वास्थ्य
अत्यधिक दबाव, लंबे घंटे और सीमित ग्रोथ से थकान बढ़ती है। क्विटिंग कई बार वर्क-लाइफ बैलेंस पाने का साधन बनती है।
जोखिम लेने की हिम्मत
डिजिटल अवसरों ने जोखिम को “सोचा-समझा” बना दिया है। युवा जानते हैं कि स्किल्स हों तो विकल्प मौजूद हैं।
क्विटिंग पलायन नहीं, बल्कि सचेत करियर रीसेट है—जहाँ युवा डर से नहीं, स्पष्टता और उद्देश्य से फैसला कर रहे हैं।
मुझे शुरू से ही पत्र पत्रिकाएं पढ़ने समाचार देखने आदि का शौक रहा है इसलिए अगर मैं अपनी नजर दौड़ता हूं और जहां तक मुझे याद आता है तो सफल और कामयाब युवाओं का जल्दी अपने काम को अलविदा कहना यानी क्विटिंग करना यह चीज लगभग सन 2018 से चलन में आई तब फेमस यूट्यूब स्टार लिली सिंह ने अपने मुख्य चैनल से स्थाई ब्रेक लेने की घोषणा की थी यह घोषणा काफी चर्चाओं में रही। उन्होंने मानसिक शारीरिक और भावनात्मक थकान को इसका कारण बताया फिर 2019 में मशहूर इंग्लिश कॉमेडियन फिल्म जूपिटर्स ने 63 साल की उम्र में स्कॉटलैंड की हुंडी यूनिवर्सिटी में अध्ययन का फैसला किया लेकिन लेकिन सवाल यह है कि इतने सारे युवा कामकाज की सबसे अहम उम्र में, सफल और कामयाब जिंदगी के बावजूद "Qvit क्यों कर रहे हैं..?
इसके पीछे जॉब्लेस रहने की इच्छा नहीं बल्कि यह उनकी प्राथमिकताओं में गहरे बदलाव से प्रेरित है। 202526 में कई सारे कामकाजी युवा टॉक्सिक कठोर और ठहराव भरे माहौल से बचने के लिए स्वेच्छा से काम छोड़ रहे हैं। अगर इसके कर्म पर चर्चा करें तो मैं इसके प्रमुख कारण आपके यहां बता रहा हूं -
- बर्न आउट और मानसिक स्वास्थ्य
यह एक बड़ी वजह है क्विटिंग को करियर की सफलता से ज्यादा आत्म संरक्षण के तौर पर देखा जाने लगा है कर्मचारी बर्नआउट से बचने के लिए काम छोड़ रहे हैं वह अपनी बेहतरीन के लिए स्टैंड ले रहे हैं। वह दबाव भरे माहौल से अपने आप को मुक्त करके उन क्षेत्रों की ओर बढ़ रहे हैं जहां वह खुश रहकर कब कामयाबी हासिल कर सकें।
- टॉक्सिक माहौल व लचर प्रबंधन
यही वह कारण है जिसकी वजह से रिवेंज क्विटिंग का विचार जन्म लेता है विषैला वातावरण के विरोध में कई लोग काम छोड़ देते हैं एक रिपोर्ट के मुताबिक 47% कर्मचारियों ने निराश जताने के लिए नौकरी छोड़ी।
- सिस्टम का नकरापन
महामारी ने साबित किया है की उत्पादकता दफ्तर में मौजूद रहने पर निर्भर नहीं करती जबरन ऑफिस बुलाने की नीतियों के कारण स्थितों की झड़ी लगी। वर्क लाइफ बैलेंस की अहमियत बड़ी है
- करियर में ग्रंथ की कमी और ठहराव
के युवा पेशेवर ऐसी डेड और नौकरियों के चलते काम छोड़ रहे हैं जिनमें ग्रंथ का वादा तो किया जाता है लेकिन होता कुछ नहीं वे ठहराव सब महसूस करते हैं कम से कम 57% लोग ग्रंथ में ठहराव महसूस करने के बाद नौकरिया छोड़ रहे हैं और अपनी नई स्किल सीखने को तैयार हो रहे हैं ताकि दूसरी फील्ड में जॉब सेटिस्फेक्शन प्राप्त किया जा सके।
- जिंदगी के मकसद और मूल्यों की तलाश
क्विटिंग का यह एक अहम कारण है। अगर कोई नौकरी नीरज या बिना किसी बड़े सामाजिक प्रभाव की लगे तो युवाओं से दूरी बना लेते हैं एमबीए करने के बाद कई वर्षों तक मेरे साथ ऐसा हुआ
होंडा यह है कि युवा पारंपरिक और शोषण करने वाली कामकाजी माहौल से ज्यादा मानसिक स्वास्थ्य और लॉन्ग टर्म करियर ग्रोथ को प्राथमिकता देने लगे हैं तो एंटरप्रेन्योर को भी ऐसे क पैलेस बरकरार रखने पर ध्यान दिया जा रहा है
आर्टिकल का निष्कर्ष या सारांश
आज के दौर में कुछ कामयाब युवा अपने करियर को अचानक अलविदा कह रहे हैं, जो केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं बल्कि बदलती कार्य-संस्कृति का संकेत है। पहले सफलता का अर्थ स्थिर नौकरी, ऊँची सैलरी और सामाजिक प्रतिष्ठा था, लेकिन आज की युवा पीढ़ी मानसिक संतुलन, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और जीवन के उद्देश्य को अधिक महत्व दे रही है। अत्यधिक प्रतिस्पर्धा, काम का दबाव, डिजिटल थकान (Burnout) और निजी जीवन की अनदेखी कई युवाओं को सोचने पर मजबूर कर रही है।
उदाहरण के तौर पर, 2021 में जापानी टेनिस स्टार नाओमी ओसाका ने मानसिक स्वास्थ्य कारणों से प्रमुख टूर्नामेंट से ब्रेक लिया। इसी तरह भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली ने भी मानसिक थकान पर खुलकर बात की और कप्तानी छोड़ी। कई स्टार्टअप फाउंडर्स ने भी तनाव और असंतुलन के कारण अपने पदों से इस्तीफा दिया।
यह प्रवृत्ति बताती है कि आज सफलता की परिभाषा बदल रही है—सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि संतुलित और सार्थक जीवन अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। इसलिए युवाओं का “क्विट” करना असफलता नहीं, बल्कि स्वयं को प्राथमिकता देने का साहसिक निर्णय भी हो सकता है।
संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर
क्वेश्चन 1. आजकल के सफल युवा भी अपना कामकाज क्यों छोड़ रहे हैं.?
मानसिक तनाव, बर्नआउट, वर्क-लाइफ बैलेंस की कमी और आत्म-संतोष की तलाश इसके प्रमुख कारण हैं। आजकल के नौजवानों के लिए जॉब सेटिस्फेक्शन एक आवश्यक तत्व हो गया है। भले ही पैसे कम मिले।
2. क्या करियर छोड़ना असफलता की निशानी है?
नहीं, कई बार यह मानसिक स्वास्थ्य और नए अवसरों की खोज के लिए सकारात्मक कदम होता है।
3. बर्नआउट क्या है और यह युवाओं को कैसे प्रभावित करता है?
लगातार काम के दबाव से होने वाली मानसिक और शारीरिक थकान को बर्नआउट कहते हैं, जो प्रदर्शन और खुशी दोनों को प्रभावित करती है।
4. किन प्रसिद्ध युवाओं ने अपने काम से ब्रेक लिया है?
नाओमी ओसाका, विराट कोहली जैसे कई युवाओं ने मानसिक संतुलन के लिए ब्रेक लिया।
5. क्या यह ट्रेंड भविष्य में बढ़ेगा?
संभावना है कि जैसे-जैसे जागरूकता बढ़ेगी, युवा संतुलित जीवन को प्राथमिकता देंगे।
लेखक परिचय
Kedar Lal -- -- prernadayari.com
मेरा नाम केदार लाल है ( K. L. Ligree)। मैं भारत देश के अंतर्गत राजस्थान राज्य के करौली जिले के टुड़ावली गांव का रहने वाला हूँ। मैंने राजस्थान विश्वविधालय - जयपुर,वर्धमान महावीर विश्वविद्यालय - कोटा एवं जम्मू कश्मीर विश्वविद्यालय से बीए, एमए, बीएड, एमबीए ( मास्टर ऑफ़ बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन) एवं बीजेएमसी ( बेचलर ऑफ़ जर्नालिज्म, पत्रकारिता ) कि शिक्षा प्राप्त कि है। कुछ वर्षों तक मैं राजस्थान एवं देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका एवं दैनिक भास्कर में विपणन ( Marketing ) कार्य भी किया हैं. भारत तथा दुनिया में अपनी खास पहचान रखने वाले दो अंग्रेजी समाचार पत्रों "टाइम्स ऑफ़ इंडिया" एवं "हिंदुस्तान टाइम्स" मैं मार्केटिंग एवं प्रबंधन कार्यों में सन लगे रहा हूं। बचपन एवं युवावस्था में में शर्मिला एवं खूबसूरत व्यक्तित्व का धनी रहा हूं. मैं एक रोमांटिक एवं मजाकिया प्रवृत्ति का इंसान हूँ। एमबीए के बाद मैंने गोदरेज, टाटा AIG, आइडिया एवं वोडाफोन जैसी बहुराष्ट्रीय कंपनियों में कार्य किया है। मैं करौली जिले के कई विद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में काफी समय तक शिक्षण कार्य से जुड़ा रहा हूं। रुचियाँ -- मुझे समाचार पत्र पढ़ने, न्यूज़ देखने, डिबेट देखने, घूमने का शोक है। मुझे पारिवारिक और मनोरंजक फिल्में देखने का भी काफी शौक है। मुझे घूमना और लॉन्ग ड्राइव पर जाना अच्छा लगता है। मैं पर्वतीय क्षेत्र में घूमने का शौकीन हूँ। मुझे पढ़ने और अपने ब्लॉग के लिए आर्टिकल लिखने का भी काफी शौक है। मेरे दो ब्लॉग है जिनके लिए मैं आर्टिकल लिखता हूं और मैं फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। मेरे ब्लॉग -- 1. प्रेरणा डायरी ( ब्लॉग ) prernadayari.com (ब्लॉगर ) 2. आर्थिक फंडा (ब्लॉग ) arthikfunda.com ( वर्डप्रेस) 3. इश्क़बाज, ishkbaj.com 4. वित्तीय फंडा, vittiyfunda.com ( वर्डप्रेस ) 5. प्रेरित डायरी, preritdayri.wordpress.com मैं बचपन से ही लेखक, पत्रकार, और एक अच्छा शिक्षक बनना चाहता था। अगर अब तक कि मेरी जिंदगी का मूल्यांकन करें, तो मेरे कुछ सपने पूरे हुए हैं, जबकि कुछ अभी भी अधूरे हैं। फिलहाल में फुल टाइम कंटेंट क्रिएटर हूं। और गूगल, ब्लॉगर तथा वर्डप्रेस जैसे प्लेटफार्म पर लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर और आर्टिकल राइटर बनना चाहता हूं। इस क्षेत्र में मुझे काफी लोकप्रियता मिल रही है। आप सभी पाठकों का प्यार मेरी सबसे बड़ी ताकत है। अपने परिवार के साथ मै खुशहाल जिंदगी बिता रहा हूं।
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