"बजट 2026" - विदेश में पढ़ाई के इच्छुक छात्रों को दी सहूलियत, लेकिन देश में सरकारी नौकरियों की कोई बात नहीं।
प्रेरणा डायरी
हिंडौन, करौली, राजस्थान, भारत।
By - केदार लाल, चीफ एडिटर।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2026 27 का बहुचर्चित आम बजट 1 फरवरी 2026 को लोकसभा में पेश किया।
खास बातों पर एक नजर
सरकारी रोजगार सृजन की ओर सरकार का कोई विशेष फोकस नजर नहीं आया।
--विदेश में अध्ययन करने वालों student के लिए सरकार ने सहूलियत पेश की है टीसीएस 5% व 20% से घटकर 2% कर दिया
--विदेश से सामान लाने पर कस्टम ड्यूटी आदि कर दी है। को
-2030 तक सरकार 20 लाख पेशेवर तैयार करने का रोड मैप तैयार कर रही है।
अब हम आर्टिकल में आगे बढ़े और मैं अपनी बात शुरू करूं उससे पहले शिक्षा और रोजगार पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का स्टेटमेंट क्या है वह, पहले आप उसे जरूर पढ़े -
“शिक्षा में निवेश, देश की उत्पादक क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।”
--- निर्मला सीतारमण, भारतीय फाइनेंस मिनिस्टर।
नीचे दिया गया लेख छात्रों के लिए की गई बजट घोषणा, को संतुलित और सावधानीपूर्वक, तथ्यात्मक भाषा में तैयार किया गया है। जहाँ आवश्यक है वहाँ योजनाओं को घोषित/विस्तारित/प्रस्तावित के रूप में समझाया गया है, ताकि जानकारी भरोसेमंद रहे।
बजट 2026--27 में छात्रों के लिए शिक्षा, विदेश अध्ययन और भोजन व्यवस्था से जुड़ी प्रमुख घोषणाएँ।
(वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट – 2 फरवरी 2026) हालांकि बजट का विश्लेषण करने के बाद विशेषज्ञों द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि इस बजट में आम आदमी को तत्काल कोई राहत नहीं मिली है। सबकी नज़रें होती हैं आयकर स्लैब पर और आयकर स्लैब और दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को लोकसभा में अपने 85 मिनट के बजट भाषण में भविष्य की सुनहरी तस्वीर पेश की कई।.नए क्षेत्रों में रोजगार के दरवाजे तो खोले गए है, पर यह अधिकतर प्राइवेट सेक्टर मे सृजीत होंगे, सरकार ने अपने विभिन्न विभागों में होने वाली सरकारी नौकरियों की कोई खास घोषणा नहीं की है। यह छात्रों को थोड़ा परेशान करने वाली बात है। क्योंकि बेरोजगार छात्रों कि वह युवाओं की नजरे नौकरियों पर ही टिकी रहती। सीतारमण ने कहा कि भारत का एनीमेशन, विजुअल, इफेक्ट एवं गेमिंग और कॉमिक्स क्षेत्र, एक बढ़ता हुआ उद्योग है जिसमें 2030 तक 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी उन्होंने भारतीय इंस्टीट्यूट आफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजी मुंबई का समर्थन करने के लिए एक प्रस्ताव रखा ताकि 15000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेज में "एवीजीसी कंटेंट क्रिएटर लैब" स्थापित की जा सके।
वित्त वर्ष 2026–27 का केंद्रीय बजट भारत के युवाओं और छात्रों के भविष्य को केंद्र में रखकर प्रस्तुत किया गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में यह स्पष्ट किया कि “शिक्षा में निवेश, देश की उत्पादक क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है।” इसी सोच के तहत स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और विदेश में अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए कई राहतें और योजनाएँ शामिल की गई हैं।
1. शिक्षा ऋण ( Education Lone ) पर राहत :
बजट 2026–27 में शिक्षा ऋण योजना को और अधिक छात्र-हितैषी बनाया गया है। विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के छात्रों के लिए ब्याज सब्सिडी की अवधि बढ़ाने और आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल व सरल बनाने पर जोर दिया गया है। इससे देश और विदेश में पढ़ने वाले छात्रों का वित्तीय बोझ कम होगा।
2. विदेश अध्ययन के ( studay Abroad ) लिए सहायता
विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों के लिए शिक्षा ऋण पर टैक्स लाभ को जारी रखा गया है। साथ ही, चयनित मेरिट-आधारित अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्तियों (International Scholarships) को विस्तार देने की घोषणा की गई है, जिससे विज्ञान, तकनीक, चिकित्सा और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में पढ़ाई को प्रोत्साहन मिलेगा।
3. छात्रावास और भोजन व्यवस्था :
बजट में सरकारी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में नए छात्रावास, मेस सुविधाओं और पोषण-आधारित भोजन कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं। खासतौर पर ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के लिए सस्ती व गुणवत्तापूर्ण भोजन व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है।
4. डिजिटल और कौशल आधारित शिक्षा को बढ़ावा :
ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफॉर्म, AI-आधारित लर्निंग और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष फंडिंग का प्रावधान किया गया है, जिससे छात्र कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्राप्त कर सकें। वित्त वर्ष 2025–26 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने छात्रों और रोजगार को देश की दीर्घकालिक विकास रणनीति का केंद्र बताया।
5 छात्रों के लिए खास घोषणा
शिक्षा–रोज़गार की कड़ी मजबूत करने पर जोर, ताकि पढ़ाई सीधे कौशल और नौकरी से जुड़े।
स्किल डेवलपमेंट, डिजिटल लर्निंग और AI/नई टेक्नोलॉजी से जुड़े कोर्स बढ़ाने की बात।
युवाओं की रोजगार-योग्यता (Employability) बढ़ाने के लिए इंडस्ट्री–अकादमिक साझेदारी पर फोकस।
वंचित और ग्रामीण छात्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुँचाने की प्रतिबद्धता।
6. रोजगार सृजन के अवसर :
युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करना बजट की प्राथमिकता बताया।स्टार्टअप, MSME और न्यू-टेक सेक्टर को बढ़ावा देकर जॉब क्रिएशन पर जोर देने को वित्त मंत्री ने अपनी प्राथमिकता बताया। स्किलिंग, अप्रेंटिसशिप और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग को रोजगार का सबसे प्रभावी रास्ता बताया।
महिला और युवा कार्यबल की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष ध्यान।
7. हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल खुलेगी सरकार :
देश के करीब 800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल शुरू होंगे ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों की छात्राओं की उच्च शिक्षा तक पहुंच आसान होगी तथा उन्हें सुरक्षित आवास और उच्च अध्ययन की सुविधा प्राप्त होगी।
8. 1.5 लाख करे दिवस को ट्रेनिंग दी जाएगी :
सरकार अगली 5 साल में एक लाख एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स जैसे आप्लोेंट्री, रेडियोलॉजी, को प्रशिक्षित करना चाहती है। अगले 5 वर्षों में डेढ़ लाख करे गवर स्कूल ट्रेनिंग दी जाएगी इससे डॉक्टर नर्स एवं हेल्थ वर्कर्स की कमी को पूरा किया जा सकेगा। इससे उन छात्रों को लाभ प्राप्त होगा जो मेडिकल के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं
9. एनीमेशन जैसे सेक्टर में 20 लाख जॉब की तैयारी
( ऑरेंज इकोनामी )
बजट में सरकार ने विकसित भारत मिशन के तहत एनीमेशन विजुअल इफेक्ट गेमिंग और कॉमिक्स पर विशेष फोकस किया है इस सेक्टर पर वित्त मंत्री का कहना है कि 2030 तक करीब 20 लाख पेशेवरों की जरूरत होगी इसके लिए सरकार युवाओं को तैयार करेगी वित्त मंत्री ने बजट में घोषणा की की इसके लिए 15000 स्कूलों और 500 कॉलेज में कंटेंट क्रिएटर लैब खोले जाएंगे ताकि जमीनी स्तर पर ही युवाओं को डिजिटल स्किल सिखाई जा सके सरकार ने इस सेक्टर को ऑरेंज इकोनामी कहा है।
छात्र शिक्षा उनकी पढ़ाई और विदेशी अध्ययन वहां रहने भोजन एवं पैसे से संबंधित तत्व और समाचारों का अध्ययन करने के बाद मैं यह कह सकता हूं कि "कुल मिलाकर, वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा + कौशल + नवाचार = रोजगार—यही 2025–26 बजट का मूल मंत्र है, जिससे छात्र आत्मनिर्भर बनें और अर्थव्यवस्था में टिकाऊ रोजगार पैदा हों।
अब मैं देश, राजस्थान प्रदेश के एक कद्दावर नेता सचिन पायलट जो हमेशा छात्र और यूथ के रोजगार, और नौकरियों को लेकर चिंतित नजर आते हैं और उनका समर्थन भी करते हैं. इस बजट को लेकर उनकी क्या प्रतिक्रिया रहीं है, आइये उसे भी जानते हैं -
कांग्रेस के कद्दावर नेता सचिन पायलट का बजट 2026 पर, विशेष कर छात्र और नौकरियों से जुड़ी घोषणाओं पर, क्या कहना है --
उन्होंने बजट को युवा, रोजगार और महंगाई के मुद्दों पर निराशाजनक बताया।कहा गया कि बेरोज़गार युवाओं के लिए ठोस रोडमैप नहीं है, सिर्फ़ घोषणाएँ हैं।महंगाई और आम आदमी की क्रय शक्ति पर बजट खरा नहीं उतरता।किसानों, छात्रों और निम्न-मध्यम वर्ग के लिए सीधी राहत के उपाय कमजोर हैं।बजट को “इवेंट आधारित” बताते हुए कहा गया कि इसमें ग्राउंड लेवल की समस्याओं का समाधान नहीं दिखता।कांग्रेस की लाइन के अनुसार, सचिन पायलट का मानना है कि “देश के युवाओं को भाषण नहीं, नौकरी चाहिए और बजट इस कसौटी पर असफल है।”
7. आर्टिकल का निष्कर्ष
केंद्रीय बजट 2026–27 छात्रों के लिए केवल आर्थिक राहत का दस्तावेज़ नहीं है, बल्कि यह भारत के युवा भविष्य की रूपरेखा भी प्रस्तुत करता है। इस बजट में शिक्षा को खर्च नहीं, बल्कि निवेश के रूप में देखा गया है। शिक्षा ऋण में सहूलियत, विदेश अध्ययन के लिए छात्रवृत्तियाँ, और छात्रावास व भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान यह दर्शाता है कि सरकार छात्रों की वास्तविक जरूरतों को समझ रही है।
आज के समय में शिक्षा की लागत लगातार बढ़ रही है, खासकर उच्च और विदेशी शिक्षा के क्षेत्र में। ऐसे में शिक्षा ऋण पर ब्याज सब्सिडी, टैक्स लाभ और डिजिटल आवेदन प्रणाली छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी। वहीं, छात्रावास और मेस सुविधाओं का विस्तार उन छात्रों के लिए अत्यंत उपयोगी है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने लेकर शहरों और विश्वविद्यालयों में आते हैं।
इसके अलावा, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर जोर यह संकेत देता है कि सरकार केवल डिग्री नहीं, बल्कि रोजगार-उन्मुख शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है। कुल मिलाकर, बजट 2026–27 छात्रों को आत्मनिर्भर, वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन होता है, तो यह बजट आने वाले वर्षों में भारत की शिक्षा व्यवस्था को नई ऊँचाइयों तक ले जा सकता है।
8. संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
बजट 2026–27 और छात्र योजनाओं से जुड़े 10 महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
Question 1. बजट 2026 27 में छात्रों के लिए सबसे बड़ी राहत क्या है..?
उत्तर: इस बजट की सबसे बड़ी राहत शिक्षा ऋण प्रणाली को सरल और सुलभ बनाना है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए ब्याज सब्सिडी और डिजिटल आवेदन प्रक्रिया से उच्च व विदेशी शिक्षा पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकेगी।
क्वेश्चन 2. क्या विदेश में पढ़ने वाले छात्रों को इस बजट से लाभ मिलेगा..?
उत्तर: हाँ, विदेश में अध्ययन करने वाले छात्रों के लिए शिक्षा ऋण पर टैक्स लाभ जारी रखा गया है और कुछ अंतरराष्ट्रीय छात्रवृत्तियों का विस्तार किया गया है, जिससे वैश्विक शिक्षा तक पहुँच आसान होगी।
क्वेश्चन 3. बजट में छात्रावास सुविधाओं पर क्या कहा गया है..?
उत्तर: बजट में नए छात्रावासों के निर्माण और मौजूदा सुविधाओं के उन्नयन के लिए अतिरिक्त प्रावधान किए गए हैं, ताकि छात्रों को सुरक्षित और किफायती आवास मिल सके।
क्वेश्चन 4. विद्यालय और उच्च शिक्षा संस्थानों में भोजन व्यवस्था पर इस बजट में ध्यान दिया गया है या नहीं..?
उत्तर: जी हाँ, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पोषण-युक्त भोजन और सस्ती मेस सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए बजट में विशेष फंडिंग का प्रावधान किया गया है।
क्वेश्चन 5. सबसे महत्वपूर्ण सवाल की इस बजट में शिक्षा ऋण पर छूट जारी रहेगी या नहीं..?
उत्तर: बजट 2026–27 में शिक्षा ऋण पर मिलने वाली आयकर छूट को जारी रखा गया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों को वित्तीय राहत मिलेगी।
क्वेश्चन 6. डिजिटल शिक्षा का प्रचलन बढ़ रहा है, इसको लेकर सरकार की क्या योजना है..?
उत्तर: सरकार ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, AI-आधारित शिक्षा और वर्चुअल लैब्स के विस्तार की घोषणा की है, जिससे छात्रों को कम लागत में आधुनिक शिक्षा मिलेगी।
प्रश्न 7: क्या यह बजट ग्रामीण छात्रों के लिए फायदेमंद है?
उत्तर: हाँ, ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों से आने वाले छात्रों के लिए छात्रावास, भोजन और छात्रवृत्ति योजनाओं को मजबूत किया गया है।
प्रश्न 8: कौशल विकास को लेकर बजट में क्या प्रावधान है?
उत्तर: बजट में स्किल-आधारित कोर्स, इंडस्ट्री-लिंक्ड ट्रेनिंग और इंटर्नशिप को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है।
क्वेश्चन 9. क्या यह बजट रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद करेगा..?
उत्तर: इस प्रश्न का उत्तर देने से पहले लिए मैं आपको कांग्रेस के सबसे बड़े लीडर राहुल गांधी का स्टेटमेंट सुनाता हूं -- "मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर गिर रहा है युवा बेरोजगार हैं उनके लिए रोजगारों का अभाव है लेकिन इस बजट में इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है" -- राहुल गांधी
राहुल गांधी शायद सरकारी नौकरियों पर फोकस कर रहे हैं। वह पहले भी सरकार से अधिक से अधिक के सरकारी रोजगार देने कि मांग करते रहे हैं। लेकिन इस बजट से प्राइवेट सेक्टर में करियर के अवसर बढ़ेंगे। शिक्षा और कौशल विकास पर निवेश से छात्रों की रोजगार-क्षमता बढ़ेगी, जिससे भविष्य में नौकरी के बेहतर अवसर मिलेंगे।
प्रश्न 10: कुल मिलाकर छात्रों के लिए बजट 2026–27 कैसा है?
उत्तर: कुल मिलाकर यह बजट छात्र-हितैषी, भविष्य-उन्मुख और शिक्षा को केंद्र में रखने वाला बजट है, जो छात्रों को आत्मनिर्भर और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में सहायक होगा।
"प्रेरणा डायरी - आपकी ख़ुशहाली"
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