CUET UG 2026 - कैसे करें तैयारी, ताकि मिल सके कामयाबी ।
<script async src="https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-4543233482420494"
crossorigin="anonymous"></script>
By - kedar Lal, राइटर एंड चीफ एडिटर।
CUET UG 2026 - कैसे करें तैयारी ताकि मिल सके सफलता..?
टेबल ऑफ़ कंटेंट / आज के आर्टिकल में
1. CUET UG परीक्षा का मतलब समझे।
2. पेपर पैटर्न को समझे।
3. पिछले पेपर करेंगे तैयारी में मदद।
4. रीजनिंग में यह बात याद रखें।
5. करंट अफेयर्स पर फोकस।
6. मन में उठते कई सवाल।
7. सिलेबस के लिए सटीकरण नीति अपनाए।
8. टालमटोल का रवैया न अपनाये।
9. नोट्स बनाते चलें।
10. ज्यादा सोचे नहीं।
11. मॉक टेस्ट जरूर दें।
12. स्ट्रेटजी फॉलो करें।
13. आर्टिकल का निष्कर्ष।
13. Cuet ug परीक्षा से सम्बंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर।
क्या आप भी उन छात्रों में शामिल होना चाहते है, जिनकी हसरत देश के सबसे अच्छे विश्वविद्यालऒ में अध्ययन करने की है। तो अपनी इस खूबसूरत इच्छा को पूरा करने से पहले आपको एक एंट्रेंस एग्जाम देना पड़ेगा। जिसका नाम है - CUET - UG।
देश की सबसे अच्छी और टॉप यूनिवर्सिटी के एडमिशन के लिए होने वाले सीयूईटी UG एक्जाम - 2025 की डेट आ चुकी है। लगभग दो माह बाद इस परीक्षा का आयोजन होगा। समय ज्यादा नहीं कहाँ जा सकता। यह परीक्षा 8 मई से 1जून के बीच होगी। इस समय तक ज्यादातर राज्यों के बोर्डो कि 12वीं की परीक्षाएं खत्म हो चुकी होंगी, या अपने अंतिम पड़ाव पर होंगी। इन परीक्षाओं के बाद स्टूडेंट CUET 2025 की तैयारी में जुट जाएंगे, अगर आप भी अपने आप को इस अभियान का हिस्सा बनाकर, इसमें सफलता (success ) अर्जित करना चाहते हैं, इस परीक्षा के जरिए देश की टॉप यूनिवर्सिटी में एडमिशन पाना चाहते हैं तो तैयारी के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना होगा। जो बच्चे जीरो लेवल से अपनी तैयारी शुरू कर रहे हैं, उनकी बौद्धिक तैयारी के लिए यह आर्टिकल एक बेहतरीन आर्टिकल साबित होगा। यह आपको मोरल सपोर्ट देगा। आप अपनी तैयारी शुरू कर चुके हैं या करने वाले हैं तो पहले एक बार इस आर्टिकल को पढ़ें, और इसमें दिए गए बिंदुओं को फॉलो करते हुए अपनी तैयारी करें। अर्थात आप अपनी तैयारी करते समय इन बिंदुओं का भी ध्यान रखें, तो निश्चित रूप से आप अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं- आईए जानते हैं वह कौन-कौन से महत्वपूर्ण बिंदु है --
1. पेपर पैटर्न को समझे :
वो कुछ इस प्रकार है --- CUET PG 2025 में कुल विषयों की संख्या 61 है। इनमें से 33 लैंग्वेज सब्जेक्ट, 27 डोमेन स्पेसिफीक, और 1 जनरल टेस्ट पेपर होगा। आप एक साथ ज्यादा से ज्यादा 6 टेस्ट पेपर ( 4-5 डोमेन सब्जेक्ट, 1-2 लैंग्वेज विषय ) के लिए अप्लाई कर सकते हैं। और एग्जाम दे सकते हैं। पिछले साल तक यह संख्या कुल 10 थी। एन टी ए ने सलाह दी है कि कैंडिडेट कम से कम एक लैंग्वेज एवं एक जनरल टेस्ट पेपर जरूर चुने। कुछ विषयों को छोड़कर अन्य सभी विषयों के लिए एग्जाम टाइम 45 मिनट का होगा। 45 मिनट की परीक्षा में कुल 50 प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें से आपको 40 के जवाब देने होंगे 10 ऑप्शनल होंगे। आप जिनके आंसर जानते हैं वह लिखें बाकी 10 छोड़ सकते हैं। जिन विषयों के लिए 60 मिनट की परीक्षा ली जाएगी उनमें अकाउंटेंसी, इकोनॉमिक्स, फिजिक्स,कंप्यूटर साइंस, केमेस्ट्री, मैथमेटिक्स, एंड जनरल टेस्ट है। यह बेसिक जानकारी है आप पूरी जानकारी के लिए cuet कि बेबसाइट सर्च कर सकते हैं। ---
2. पिछले पेपर करेंगे तैयारी में मदद :
आप अच्छी रणनीति बनाते हुए पिछले 5 साल के पेपर्स देखें। यह आपकी बहुत मदद करेंगे। दोस्तों हर चीज को प्रैक्टिकल करना जरूरी होता है, जब आप पिछले 5 साल के पेपर्स को देखेंगे तो आप खुद ही यह जान जाएंगे की कौन सा पार्ट अधिक इंपॉर्टेंट है और कौन सा पार्ट कम इंपॉर्टेंट है। किस विषय पर कितना ध्यान देने की जरूरत है। किन विषयों कम समय देने की जरूरत है। किस विषय की तैयारी किस तरह की, है कहां से अधिक प्रश्न पूछे जा रहे हैं..? पूछे गए प्रश्नों की प्रकृति कैसी है...? और यह समझने की कोशिश करें कि किन क्षेत्र से ज्यादा प्रशन आते हैं। इससे आपकी बेहतरीन प्रेक्टिस होगी। एग्जाम का अच्छा अभ्यास होगा उन प्रश्नों पर अधिक फोकस करें, उनके साथ ही तैयारी पूरी करें जहां से अधिक प्रश्न पुटअप होते हैं। अच्छी तैयारी के लिए इन पेपर्स और मॉडल पेपर को रोजाना हल करने की कोशिश करें, जितना ज्यादा इनकी प्रैक्टिस करेंगे, उतनी ज्यादा सफलता के करीब पहुंचेंगे। यह प्रैक्टिस बताएगी कि आपकी तैयारी में कहां-कहां कमी है ताकि समय रहते उसे सुधारा जा सके। और तैयारी बेहतर हो सके। अगर आप पुराने पेपर्स के माध्यम से प्रेक्टिस करके, अभ्यास करके, अपनी तैयारी की रणनीति बनाएंगे तो, निश्चित रूप से बेहतरीन परिणाम ला पाएंगे।
3. सिलेबस के लिए सटीक रणनीति बनाएं :
अगर परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाना चाहते हैं तो पूरे सिलेबस को बारीकी से समझे। सिलेबस को समझने के बाद इसे कई भागों में विभाजित कर लें। एक भाग में अपने स्ट्रांग पार्ट को रखेंन 5जबकि दूसरे भाग में अपने वीक पॉइंट को रखें। यानी जिन टॉपिको को आप अच्छी तरह समझते हैं और आसानी से कर लेते हैं, उन्हें स्ट्रांग क्षेत्र में रखें। वही ऐसे टॉपिक या चैप्टर जो आपको परेशान करते हैं, जिन पर आपको ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है, जो आपको कम समझ में आते हैं उन्हें, उन्हें वीक पॉइंट कि लिस्ट में शामिल करें। यह रणनीति आपको यह तय करने में मदद करेगी की तैयारी के दौरान आपको कहां ज्यादा फोकस करने की जरूरत है और कहां पर नहीं। वीक टॉपिक को ज्यादा समय देना है। और किन टॉपिक को कम समय देना है यह समस्या इस रणनीति से हल हो जाएगी। इस डिवीज़न से यह भी तय हो जायेगा कि किस क्षेत्र से ज्यादा सवाल पूछे जाते हैं और किस क्षेत्र से कम। रणनीति अपना कर आप अच्छी सफलता पा सकते ह
4. रीजनिंग में यह याद रखें :
रीजनिंग का एक बड़ा हिस्सा पेपर में शामिल होता है, इसलिए पजल्स,लॉजिकल रीजनिंग, क्वानटेटिव प्रॉब्लम्स पर फोकस रखें। रीजनिंग को अच्छे से तैयार करें। इसके लिए पहला कांसेप्ट समझे और फिर पिछले साल की पेपर्स हल करें। पुराने पेपर आपके सवालों की प्रकृति को भी समझने में मदद करेंगे साथ ही आपका अभ्यास को भी सुदृढ़ बनाएंगे। ध्यान रखें यह पेपर का ऐसा एरिया है जो बिना प्रैक्टिस की संभव नहीं है इसलिए जितनी ज्यादा प्रैक्टिस होगी सवाल उतने ही ज्यादा सही होंगे। तैयारी के दौरान इसका ध्यान रखें इसके लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की टिप्स और ट्रिक की मदद ले सकते हैं। कई यूट्यूब चैनल भी इसकी तैयारी करते हैं उनकी मदद भी ली जा सकती है।
4. टालमटोल वाला रवैया ना अपनाये :
तैयारी के दौरान बहुत से स्टूडेंट अध्ययन में टालमटोल का रवैया अपना लेते हैं। वह खुद यह सोचने लगते हैं कि इस विषय में तो मैं बेहतर अंक ला सकता हूं। उनका यह रवैया उनके लिए मुश्किलें बढ़ा सकता है। टालम टोल वाला रवैया छोड़ें, बेहतर तैयारी पर फोकस करें। परीक्षा के दौरान पॉजिटिव रहे। योग और मेडिटेशन करें ताकि तनाव कम हो। तनाव आपकी तैयारी को इफेक्ट करेगा। और अच्छे परिणाम कि सम्भावना को बिगाड़ सकता है। आप नकारात्मक सोच से बाहर आकर पूरी क्षमता के साथ प्रयास करने में जुट जाएं। निश्चित तौर पर परिणाम अच्छी ही आएंगे। आप एक और अच्छा तरीका अपना सकते हैं आप अपने पिछले वर्षों के टॉपर्स की वीडियो देखें। और उनसे आप यह सीख सकते हैं कि उन्होंने किस प्रकार अपनी तैयारी की और किस तरह से स्ट्रेस और दबाव को मैनेज किया। और परीक्षा में कैसे सफल हुए। यह वीडियो आपको काफी प्रेरित (मोटीवेट / motivate ) करेंगे। यह छोटी-छोटी बातें ध्यान रखने से आपकी तैयारी बेहतर होगी, और लापरवाही से आप दूर रह सकेंगे।
5. करंट अफेयर्स पर जोर
पेपर में करंट अफेयर से जुड़े सवाल भी पूछे जा सकते हैं इसलिए अखबार नियमित रूप से पढ़ें छोटी-छोटी घटनाओं को पॉइंट बनाकर नोट करें, ताकि उनकी डेट याद रहे। ध्यान रखें उनसे जुड़ी तारीख नंबर्स और बड़े बदलाव के बारे में सवाल पूछे जा सकते हैं पिछले कुछ मीना की खबरें खास तौर पर याद रखें विशेषज्ञ बताते हैं की मंथली अफेयर्स से कई महीने के करंट अफेयर्स के बारे में जानकारी रख सकते हैं इसे हल्के में लेने की भूल न करें जैसा कई विद्यार्थी करते हैं।
6. मन में उठते कई सवाल
जब हम किसी भी परीक्षा की तैयारी करते हैं तो तैयारी के दौरान मन में कई तरीके सवाल उठाते हैं और कभी-कभी कन्फ्यूजन भी होता है। और यह डर लगता है कि एग्जाम क्लियर होगा या नहीं..? इस सवाल का जवाब देती हुई विशेषज्ञ बताते हैं कि मन में किसी भी तरह का कोई कंफ्यूजन नहीं रखें, समाधान क्या है इस पर गौर करें अपनी समस्याओं को दोस्तों से साझा करें अगर परीक्षा को लेकर किसी तरह का डर है तो पैरेंट के साथ समस्या को साझा करें या फिर एक्सपर्ट से सलाह लें बेहतर होगा की परीक्षा से पहले मां की शंकाओं को दूर कर लिया जाए वरना परीक्षा परिणाम पर असर पड़ सकता है
7. नोट्स बनाते चलें
विशेषज्ञ बताते हैं की तैयारी के दौरान जिन टॉपिक को आप पढ़ते हैं उनके शॉर्ट नोट्स बनाने बनाते हुए चलें। हर चैप्टर के पॉइंट्स में नोट बनाएं। इन नोट्स में इंपॉर्टेंट परिभाषा और फार्मूला को शामिल करें। यह नोट्स आपकी तैयारी को बेहतर बनाएंगे, और परीक्षा कि लास्ट प्रिपरेशन में रिवीजन में मदद करेंगे। विशेषज्ञ बताते हैं कि जिन टॉपिक के शॉर्ट नोट्स बना लिए जाते हैं, और उन्हें बार-बार रिवाइज किया जाता है तो वह लंबे समय तक याद रहते हैं और परीक्षा में सवालों के जवाब को बेहतर तरीके से लिखने में मदद करते हैं।
8. परीक्षा को लेकर ज्यादा सोचे नहीं :
परीक्षा एक्सपर्ट और विशेषज्ञ बताते हैं की तैयारी के दौरान ज्यादातर स्टूडेंट सोचने लगते हैं कि क्या मेरा एडमिशन मनचाही यूनिवर्सिटी में होगा...? या नहीं होगा...? कई बार यह सोच उन पर इतनी हावी हो जाती है की तैयारी में पिछड़ने लगते हैं, इसलिए रिजल्ट पर फोकस करने के बजाय अपनी तैयारी पर ध्यान दें। अपने मन को शांत रखें। कुछ समय अपनी मनचाही एक्टिविटी को दें, अगर मन में कोई सवाल है तो अपने दोस्तों से बात करें, या अपने टीचर से डिस्कशन करें, या फिर परिजनों के साथ इस पर चर्चा करें।
9. नियमित मॉक टेस्ट जरूर दें :
परीक्षा के लिए तैयारी करना लेकिन उसका मूल्यांकन नहीं करना भी एक बड़ी गलती है। ऐसी गलती है जो बाद में तनाव का कारण बन सकती है। इसलिए परीक्षा के दौरान मॉक टेस्ट से तैयारी करना बहुत जरूरी है। टेस्ट पेपर को हल करना इसलिए भी जरूरी है, ताकि आपको यह पता चल सके कि आपकी तैयारी में कहां कमी है। इस तरह कमजोरीयों का सही समय पर पता चलने पर उसे ठीक किया जा सकता है। आप यह समझ सकते हैं कि आपको कहां ज्यादा मेहनत करने की जरूरत है, और कहां पर कम। समय रहते कमजोरी का पता चलने पर उसे ठीक किया जा सकता है। अचानक कमजोरी के सामने आने पर उसे ठीक करने के लिए समय नहीं बच पाता है। अतः मॉक टेस्ट पेपर लगातार करते रहे। इससे ना केवल आपकी तैयारी मजबूत होगी बल्कि, आपको बेहतर रणनीति बनाने में और अच्छे रिजल्ट हासिल करने में मदद मिलेगी।
10. स्ट्रेटजी को फॉलो करते रहे :
स्ट्रेटजी को पूरी तरह फॉलो ना करना भी एक समस्या बन सकता है। कई बार आप तैयारी के लिए अच्छी रणनीति तो बनाते हैं लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता है रणनीति पर जोर काम हो जाता है। यानी बहुत से कैंडिडेट उसे पूरी तरह फॉलो नहीं करते इसलिए तैयारी कमजोर होती चली जाती है। इसका पता उन्हें तब चलता है जब परीक्षा नजदीक आ जाती है, और उस समय इस प्रॉब्लम का सलूशन नहीं हो पाता। क्योंकि समय का अभाव होता है। ऐसे में आपका तनाव बढ़ जाता है। आपकी पहले से की हुई अच्छी तैयारी भी प्रभावित होती है। कॉन्फिडेंस अनबैलेंस हो जाता है।अतः ऐसी गलती करने से बचें । जो भी परीक्षा की रणनीति बनाई है, उसे पूरी तरह लागू करें। उस पर अमल करें, तैयारी में लापरवाही परिणाम पर बुरा असर डाल सकती है। कोई बात आपको समझ में नहीं आती है तो उसे अपने मेंटर की मदद से हल करें।
12. ओवर कॉन्फिडेंस से बचे :
परीक्षा एक्सपर्ट भी इस बात को मानते हैं की परीक्षा में कॉन्फिडेंस बहुत जरूरी है लेकिन जब यह कॉन्फिडेंस ओवर हो जाता है तब इसके परिणाम गलत ही आते हैं। इसलिए तैयारी करते समय यह ध्यान रखें कि जो भी पढ़ा है, उसे अच्छी तरह समझे सवालों का जवाब देने में कितना समय लग रहा है, इसका मूल्यांकन करें। दोस्तों ओवर कॉन्फिडेंस के समय हमारे मन में एक धारणा घर कर जाती है कि मुझे सब कुछ याद है। मैं सब कुछ जानता हूं। मुझे सब समझ में आ गया। इस सोच के कारण बुरा नतीजा यह निकलता है कि हमारी तैयारी कमजोऱ रह जाती है। क्योंकि जिन विषयों में हमारी वीकनेस थी, उन विषयों और टॉपिक के बारे में भी हमने यह सोच लिया की तैयारी अच्छी है, क्योंकि हम ओवर कॉन्फिडेंस थे। ओवर कॉन्फिडेंस के कारण कई बार बड़ा नुकसान हो जाता हैं । इसलिए कॉन्फिडेंट रहे। कॉन्फिडेंट रहना हंड्रेड परसेंट जरूरी है। और यह बहुत बेहद आवश्यक चीज है। लेकिन ध्यान बस इस बात का रखें कि ओवर कॉन्फिडेंस नहीं रहे।
मैं उम्मीद करता हूं कि यहां तक की चर्चा के बाद आपको काफी बातें इस परीक्षा को लेकर समझ में आ गई होगी। अब इस आर्टिकल के अंत में, मैं आपको CUET UG परीक्षा 2026 पर आधारित इस पूरे आर्टिकल का एक साल गर्वित तथ्यात्मक और मौलिक निष्कर्ष बताता हूं। निष्कर्ष के बाद मैं परीक्षा से संबंधित तो उपयोगी महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर भी शामिल किए हैं जो आपकी जानकारी में वृद्धि करेंगे।
🔚 आर्टिकल का निष्कर्ष :
CUET UG परीक्षा 2026 देश की प्रमुख केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों में स्नातक प्रवेश का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बन चुकी है। इस परीक्षा में सफलता केवल कड़ी मेहनत से नहीं, बल्कि सटीक रणनीति, स्पष्ट सिलेबस की समझ और प्रभावी टाइम मैनेजमेंट से मिलती है। विद्यार्थियों को सबसे पहले अपने चुने हुए विषयों का NCERT आधारित सिलेबस अच्छे से समझना चाहिए, क्योंकि अधिकांश प्रश्न वहीं से पूछे जाते हैं।
एक मजबूत तैयारी रणनीति में डेली स्टडी प्लान, साप्ताहिक रिवीजन, मॉक टेस्ट और पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का अभ्यास शामिल होना चाहिए। टाइम मैनेजमेंट की भूमिका परीक्षा हॉल में निर्णायक होती है—जो छात्र पहले आसान प्रश्न हल करते हैं और समय बचाते हैं, वे बेहतर स्कोर कर पाते हैं।
CUET UG 2026 में नेगेटिव मार्किंग को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर उत्तर देना जरूरी है। साथ ही, जनरल टेस्ट और भाषा सेक्शन की नियमित प्रैक्टिस छात्रों की रैंक को काफी बेहतर बना सकती है। सही दिशा में निरंतर प्रयास, आत्म-मूल्यांकन और अनुशासन ही CUET UG परीक्षा में सफलता की कुंजी है।
संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर :
CUET UG 2026 से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्न-उत्तर
1️⃣ CUET UG परीक्षा 2026 क्या है और यह क्यों जरूरी है..?
उत्तर -- CUET UG (Common University Entrance Test) एक राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षा है, जिसके माध्यम से देश की केंद्रीय, राज्य और डीम्ड यूनिवर्सिटीज़ में UG कोर्सेज़ में दाखिला मिलता है। पहले अलग-अलग यूनिवर्सिटीज़ की परीक्षाएँ होती थीं, लेकिन CUET से एक समान अवसर मिलता है।
उदाहरण: जैसे दिल्ली विश्वविद्यालय, BHU और JNU—all एक ही CUET स्कोर से एडमिशन देते हैं, जिससे छात्रों को कई परीक्षाएँ देने की जरूरत नहीं पड़ती।
2️⃣ CUET UG 2026 का सिलेबस कैसे समझें?
CUET UG का सिलेबस मुख्य रूप से कक्षा 12वीं के NCERT पाठ्यक्रम पर आधारित होता है। इसमें भाषा, डोमेन सब्जेक्ट और जनरल टेस्ट शामिल हैं।
उदाहरण: यदि कोई छात्र B.Com करना चाहता है, तो उसे अकाउंटेंसी, इकोनॉमिक्स और मैथ्स का NCERT सिलेबस गहराई से पढ़ना चाहिए। सिलेबस को टॉपिक-वाइज बांटकर पढ़ना अधिक प्रभावी रहता है।
3️⃣ CUET UG 2026 की तैयारी की सबसे सही रणनीति क्या है?
सबसे अच्छी रणनीति है—पहले सिलेबस पूरा करना, फिर रिवीजन और अंत में मॉक टेस्ट। रोज़ 5–6 घंटे की स्मार्ट स्टडी काफी है।
उदाहरण: यदि आप रोज़ 2 घंटे डोमेन सब्जेक्ट, 1 घंटा भाषा और 1 घंटा जनरल टेस्ट को देते हैं, तो 3–4 महीने में तैयारी मजबूत हो सकती है।
4️⃣ CUET UG परीक्षा में टाइम मैनेजमेंट कैसे करें?
टाइम मैनेजमेंट के लिए मॉक टेस्ट अनिवार्य हैं। परीक्षा में पहले आसान प्रश्न हल करें और कठिन प्रश्नों को बाद के लिए छोड़ें।
उदाहरण: यदि किसी सेक्शन के लिए 45 मिनट हैं, तो पहले 30 मिनट में आसान प्रश्न हल करें और बचे समय में कठिन प्रश्नों पर जाएँ—इससे स्कोर बढ़ता है।
5️⃣ CUET UG 2026 में नेगेटिव मार्किंग से कैसे बचें?
नेगेटिव मार्किंग से बचने के लिए अनुमान से उत्तर देने से बचें। केवल उन्हीं प्रश्नों को हल करें जिनमें आप कम से कम 70–80% निश्चित हों।
उदाहरण: अगर किसी प्रश्न में दो विकल्प बिल्कुल गलत दिख रहे हों, तभी शेष दो में से चयन करें—अन्यथा छोड़ देना बेहतर रणनीति है।
6. " मैं जब भी किसी परीक्षा की तैयारी करता हू तो मुझे रिजल्ट की चिंता होने लगती है, इस बात को लेकर मैं परेशान होता हूं, की वैकेंसी कितनी कम है और प्रतियोगिता कितनी ज्यादा। कैसे अच्छा रिजल्ट आएगा..? में क्या करूं कि इस परीक्षा की चिंता से दूर रहकर पूरा ध्यान पढ़ाई पर दे सकूं?
उत्तर -- दोस्तों आप शांति से बैठकर अपने मन में यह सोचो कि जो चीज मेरे हाथ में नहीं उसके बारे में सोचने से क्या फायदा..? क्योंकि आपके हाथ का जो काम है वह है परिश्रम करना, उसका फल आपको जरूर मिलेगा क्योंकि कहते हैं--
मेहनत कभी जाया नहीं जाती हैं,
आज नहीं तो कल,
कहीं ना कहीं काम आती हैं।
अर्थात आप मेहनत करें अपने परिश्रम पर ध्यान दें अगर आपका परिश्रम सही दिशा में है तो निश्चित रूप से रिजल्ट अच्छा ही आएगा। आप जो कर सकते हैं उस पर फोकस करें, न की इस बात पर की क्या होगा...? अच्छे छात्रों पर इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ता की वैकेंसी कितनी है। दोस्तों एक वैकेंसी पर भी किसी न किसी का तो सिलेक्शन होता ही है आपको यह सोच रखनी है कि मुझे मेरे सिलेक्शन के लिए सिर्फ एक वैकेंसी की आवश्यकता है। अब बाकी की संख्या पर ध्यान मत दो। यह सब व्यर्थ की चिंता है, जो आपकी तैयारी पर नकारात्मक असर डालती है। नकारात्मक सोच से बाहर निकल कर अपनी पूरी क्षमता के साथ परीक्षा देने का प्रयास करें। सही दिशा में किए हुए प्रयास कभी नाकाम नहीं होते वह हमेशा अच्छा रिजल्ट देते हैं इस बात को हमेशा ध्यान में रखकर तैयारी करें आपकी अच्छी तैयारी होगी।
7. में पढ़ाई पर 100% ध्यान कैसे दूँ? इसके लिए मुझे कुछ अच्छे सुझाव दीजिए.?
उत्तर -
- जगह चुनें:ऐसी जगह चुनें जो शांत हो और जहाँ आप आराम से बैठ सकें। शोर-शराबे से दूर रहें और खिड़की के पास या ऐसी जगह पढ़ें जहाँ पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी हो।
- ध्यान भटकाने वाली चीजें हटाएं:पढ़ाई के दौरान मोबाइल फोन, सोशल मीडिया, और टीवी से दूर रहें। अपने 'परेशान न करें' मोड को चालू करें।
- सही मुद्रा में बैठें:रीढ़ की हड्डी सीधी करके और सही पोजीशन में बैठकर पढ़ें ताकि आप लंबे समय तक ध्यान केंद्रित कर सकें।
- लक्ष्य निर्धारित करें:पढ़ाई का कोई स्पष्ट लक्ष्य रखें। आप क्या हासिल करना चाहते हैं, इसे लिखें और उसे बार-बार देखें।
- एक टाइम टेबल बनाएं:हर विषय के लिए समय निर्धारित करें और उसका पालन करें। इससे आप अनुशासित रहेंगे।
- पोमोडोरो तकनीक अपनाएं:25 मिनट के लिए ध्यान केंद्रित करके पढ़ाई करें और फिर 5 मिनट का ब्रेक लें। 3x पोमोडोरो तकनीक में 75 मिनट की पढ़ाई और 15 मिनट का ब्रेक होता है।
- लिखकर पढ़ें:जो कुछ भी आप पढ़ते हैं, उसे लिखकर अभ्यास करें। इससे आपको याद रखने और फोकस बनाए रखने में मदद मिलेगी।
- पौष्टिक भोजन करें:जंक फूड से बचें और फल, सब्जियां, और अनाज जैसे पौष्टिक भोजन करें। दिमाग को ऊर्जावान रखने के लिए नाश्ता ज़रूर करें।
- हाइड्रेटेड रहें:पढ़ाई के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- पर्याप्त नींद लें:हर रात 7-8 घंटे की नींद पूरी करें ताकि आपका दिमाग तरोताजा और केंद्रित रहे।
- नियमित ब्रेक लें:पढ़ाई के बीच में छोटे-छोटे ब्रेक लेना बहुत ज़रूरी है ताकि आपका दिमाग तरोताजा रहे और आप बोर न हों।
- व्यायाम करें:नियमित व्यायाम से आपकी ऊर्जा बनी रहेगी और आपका दिमाग तेज होगा।
यह भी पढ़ें :
https://www.prernadayari.com
"प्रेरणा डायरी ब्लॉग" के मौलिक और यूनिक आर्टिकल आपको सदैव अच्छी सफलता और कामयाबी के लिए के लिए प्रेरित करेंगे। इस ब्लॉक में पूरी रिसर्च के बाद बेहतरीन आर्टिकल प्रकाशित किए जाते हैं जो छात्रों के लिए बेहद उपयोगी है। इसके प्रमुख विषय प्रेरणा,परीक्षा मार्गदर्शन, लक्ष्य, सफलता, खुशी, सकारात्मक सोच, करियर गाइडेंस, प्रेरणादायक कहानियां, विज्ञप्ति रोजगार संबंधी सूचना, और कामयाबी एवं सफलता अर्जित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाती है। छात्रों के कैरियर एवं व्यक्तिगत समस्याओं से जुड़े सवालों के जवाब होते हैं। आप समय-समय पर प्रेरणा डायरी ब्लॉग को पढ़ते रहें। और अपने दूसरे स्टूडेंट साथियों को भी पढ़ने के लिए प्रेरित करें। और इस ब्लॉग के बारे में बताएं। यह छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
टिप्पणियाँ